होशंगाबाद रोड पर स्थित भोपाल में कोरल वुड्स बहुमंजलीय अपार्टमेन्ट में लगभग 500 आवासीय यूनिट है जिसका रखरखाव सहकारी संस्था कोरल वुड्स रहवासी रखरखाव सहकारी संस्था मर्यादित भोपाल द्वारा किया जाता है। संस्था द्वारा रू. 2000/- प्रतिमाह प्रति आवासीय यूनिट रखरखाव शुल्क लिया जाता है (रू 1.2 करोड़ प्रति वर्ष) इसके अतिरिक्त रू. 75000/- प्रति यूनिट सुरक्षा निधि (लगभग रू. 3 करोड़) का लेखा-जोखा संस्था द्वारा संचालित किया जाता है। संस्था का गठन जून 2022 में राजेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में किया गया था उस समय श्रीवास्तव
तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में उप-सचिव के पद पर पदस्थ थे। रहवासियों द्वारा संस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार एवम् वित्तीय अनियमिताओं की शिकायत रजिस्ट्रार एवं आयुक्त सहकारी संस्था से कई बार की गयी लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। राजेश श्रीवास्तव उस समय शासन में प्रभावशाली अधिकारी थे भविष्य में भ्रष्टाचार की जांच एवं किसी कार्यवाही से बचने के लिये कोरल वुड्स सहकारी संस्था के एक संचालक विमल शुक्ला कि एक व्यवसायी है को अध्यक्ष नामीनेट कर उनके हस्ताक्षर से सहकारी संस्था के अधिकारियों, HDFC बैंक के अधिकारियों की मिली भगत से नियमों को ताक पर रखकर वित्तीय लेन-देन करते रहे। नियमानुसार राजेश श्रीवास्तव के अध्यक्ष नामीनेट करने के अधिकार नही थे उसका चयन वोटिन्ग द्वारा सहकारी संस्था द्वारा करवाया जाता है, और यह भी कि सहकारी संस्थाओं के अकाउटेन्स कोऑपरेटिव बैंक में रखे जाते है पर वर्तमान संस्था द्वारा प्राइवेट बैंक HDFC में अकाउन्ट खोलकर अवैध अध्यक्ष विमल शुक्ला के हस्ताक्षर से लेन देन कर रहे है।
सहकारी संस्था में ग्यारह चयनित सदस्य है, वित्तीय अन्यमित्तताओं के मदेनजर एक उपाध्यक्ष एवम् 5 संचालको द्वारा त्यागपत्र दिया जा चुका है, नियमानुसार यदि 11 में से 6 सदस्य त्यागपत्र देते है तो संस्था को भंगकर सहकारिता विभाग द्वारा एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त कर नए सिरे से चुनाव करवाये जाते है किन्तु राजेश श्रीवास्तव, विमल शुक्ला , उपाध्यक्ष प्रदीप वर्मा एवम् अन्य दो संचालको द्वारा सहकारिता विभाग की मिली भगत से अपने धन बल एवम् प्रभाव का उपयोग कर एडमिनिस्ट्रेटर की नियुक्ति एवम् संस्था भंग करने की प्रक्रिया को रोके हुए है।




