आर्थिक अपराध की जांच करने वाली मध्य प्रदेश पुलिस की ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) के पास इंस्पेक्टर और प्रधान आरक्षकों का टोटा है। इसको लेकर प्रदेश के सभी जिलों से अच्छी छवि वाले तथा अच्छा रिकार्ड रखने वाले इंस्पेक्टर और प्रधान आरक्षकों के नाम आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के डीजी ने मांगे हैं। ईओडब्ल्यू में इंस्पेक्टर और प्रधान आरक्षकों के रिक्त पदों की भरपाई के लिए यह व्यवस्था की जा रही है ताकि आर्थिक अपराधों के इन्वेस्टिगेशन में तेजी लाई जा सके।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के डीजी (महानिदेशक) उपेंद्र जैन ने भोपाल और इंदौर के पुलिस कमिश्नर तथा सभी जिलों और पुलिस इकाइयों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर कहा है कि ईओडब्ल्यू में नए अधिकारियों और कर्मचारियों की पदस्थापना की जानी है। ईओडब्ल्यू की जिला और संभाग स्तर पर काम कर रही यूनिट्स में इंस्पेक्टर, कार्यवाहक निरीक्षक और प्रधान आरक्षक, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के पद रिक्त हैं। इसलिए अगर किसी एसपी या पुलिस कमिश्नर के क्षेत्र में पदस्थ पुलिस कर्मचारी ईओडब्ल्यू में कार्य करने के इच्छुक हों तो ऐसे कर्मचारियों के नाम सहमति के साथ एक सप्ताह में डीजी आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ मुख्यालय भोपाल भेजे जाएं। संबंधित अधिकारी और कर्मचारी का आवेदन और बायोडेटा भी साथ भेजने के लिए कहा गया है।
डीजी ने यह शर्त रखी
- जिन पुलिस कर्मचारियों के नाम ईओडब्ल्यू में पदस्थापना के लिए प्रस्तावित किए जाएं उनकी छवि और रिकार्ड अच्छा हो।
- अधिकारी की अगले तीन वर्षों में पदोन्नति की संभावना न हो




