भोपाल के संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) और सांई राम कॉलोनी सेमरा गेट से शराब दुकानें अन्य जगहों पर शिफ्ट करने की मांग उठी है। इसे लेकर मंगलवार को कई महिलाएं हाथों में तख्तियां लेकर अफसरों के पास पहुंची। महिलाओं ने जल्द दुकान शिफ्ट नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है।
शहर के स्टेशन रोड स्थित सांई राम कॉलोनी सेमरा गेट मुख्य मार्ग पर शराब दुकान है। यह धार्मिक स्थल और स्कूल के नजदीक है। इस दुकान के सभी दस्तावेज चांदबड़ के नाम से हैं। बावजूद इसके यह सांई राम कॉलोनी में है। इन दुकानों से विजय नगर, सांई राम कॉलोनी, बाबू कॉलोनी, लक्ष्मीपुरी, सेमरा के हजारों लोग हर रोज परेशान हैं। कई बार शराबी गंदी हरकतें करते हैं। जिससे बच्चों और महिलाओं को परेशानी होती है। कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। मंगलवार को महिलाएं फिर से शिकायत लेकर कलेक्टोरेट पहुंची थीं।
हाथों में तख्तियां लेकर पहुंची थीं महिलाएं.


बैरागढ़ को शराब दुकान से मुक्त करें इधर, युवा सिंधी मंच के अध्यक्ष जयराम नंदवानी ने भी समाजजनों के साथ कलेक्टोरेट पहुंचकर शराब दुकान शिफ्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संत हिरदाराम नगर को शराब मुक्त किया जाए। यहां 3 दुकानें हैं, जो नगर निगम शॉपिंग कॉम्पलेक्स में एसबीआई के पास, डाकघर और निगम जोन ऑफिस के पास है। यहां पर हजारों लोगों का आना-जाना होता है, लेकिन वे शराबियों से खासे परेशान हैं।
कांग्रेस नेता और अफसर में तीखी नोंक-झोंक
मंगलवार को जनसुनवाई में खुशीपुरा निवासी धनिया बाई के पट्टे की जमीन पर रसूखदारों के कब्जे और कॉमर्शियल इस्तेमाल के मामले में फिर से शिकायत की गई। इस दौरान जिम्मेदार अफसर एवं कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला के बीच तीखी नोंक-झोंक हो गई। जनसुनवाई में शामिल अधिकारी ने सरकारी रिपोर्ट का हवाला दिया तो कांग्रेस नेता शुक्ला भड़क गए। अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए शुक्ला ने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हस्तक्षेप की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि राजनीतिक संरक्षण में बुजुर्ग पीड़िता को परेशान किया गया तो पीड़िता के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी।

ये शिकायतें भी की गईं
- वकीलों ने कोलार तहसील में अनियमितताओं की शिकायत की है। एडीएम जैन को दिए आवेदन में कहा गया है कि कार्यालय में सौरभ श्रीवास्तव, अंकुर, हेमंत शर्मा और किरण द्विवेदी पदस्थ हैं, जो न तो समय पर ऑर्डर शीट के बारे में बताते हैं और न ही सत्य-प्रति देते हैं। नामांतरण, फौती नामांकन, वसीयत के आधार पर नामांतरण, समय सीमा सिटिजन चार्टर के अनुसार न होने से परेशान हैं। अतिरिक्त तहसीलदार के डायस पर सुनवाई न करने और अल्प समय उपलब्ध नहीं होने से भी परेशानी हो रही है। वकीलों ने कार्रवाई की मांग की।
- रोहित गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित में भ्रष्टाचार और गबन की शिकायत की गई। कॉलोनी में जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत भी हुई है।
- 70 वर्षीय रश्मि मारवाह निवासी तुलसी अपॉर्टमेंट ने बेटा-बहू से 10 हजार रुपए महीना दिलाने का आवेदन दिया।




