राजधानी में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के उद्देश्य से आज यानी 26 मई को एक विशेष मॉकड्रिल (कृत्रिम अभ्यास) का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि यह पूरी कवायद पहले से तय थी, जिसका मुख्य मकसद संकट के समय अलग-अलग सरकारी विभागों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल को बेहतर बनाना है।
सायरन और एंबुलेंस की दिखेगी हलचल
इस अभ्यास के दौरान आज शहर के कई इलाकों में सायरन की आवाजें सुनाई दे सकती हैं। साथ ही सड़कों पर एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन वाहनों की आवाजाही आम दिनों से तेज रहेगी। शहर के कुछ चुनिंदा पॉइंट्स पर खोज, बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू) और राहत कार्य से जुड़ी लाइव गतिविधियां भी चलाई जाएंगी।
अफवाहों पर न दें ध्यान, प्रशासन की अपील
जिला कलेक्टर एवं प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम का शिकार न हों। यह केवल एक प्रशासनिक ट्रेनिंग है, इसका किसी वास्तविक संकट से कोई लेना-देना नहीं है।
अपुष्ट खबरें शेयर न करें: प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की मांग करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर किसी भी बिना जांच की खबर या वीडियो को शेयर करने से बचें, ताकि शहर में बेवजह डर का माहौल न बने। फील्ड पर तैनात टीम के निर्देशों का पालन करें।
वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, भविष्य में आने वाली किसी भी प्राकृतिक या अन्य आपदा से कुशलतापूर्वक निपटने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे जमीनी अभ्यास बेहद जरूरी हैं।



