जबलपुर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने सोमवार को मध्य प्रदेश विद्युत विभाग में बड़ी छापेमारी करते हुए दो वरिष्ठ अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारियों में अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल) प्रहलाद मर्सकोले और कार्यपालन यंत्री (सिविल) चंद्रशेखर मेहरा शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता ठेकेदार अशोक कुमार द्विवेदी ने EOW में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने कटनी जिले के बहोरीबंद क्षेत्र में विद्युत विभाग के लिए निर्माण कार्य किया था। इस कार्य का लगभग 10 लाख रुपये का भुगतान अटका हुआ था। ठेकेदार का आरोप था कि बिल पास करने के बदले कार्यपालन यंत्री ने 20 हजार और अतिरिक्त मुख्य अभियंता ने 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
जाल बिछाकर की कार्रवाई
शिकायत की पुष्टि होने के बाद EOW ने ट्रैप की योजना बनाई। सोमवार को जैसे ही शिकायतकर्ता रिश्वत की दूसरी किस्त देने कार्यालय पहुँचा, पहले से मुस्तैद EOW टीम ने दोनों अधिकारियों को धर दबोचा।
कुल 25 हजार रुपये बरामद
छापेमारी के दौरान प्रहलाद मर्सकोले से 10 हजार और चंद्रशेखर मेहरा से 15 हजार रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई। बताया जा रहा है कि कार्यपालन यंत्री चंद्रशेखर मेहरा पहले ही रिश्वत की एक किस्त के रूप में 5 हजार रुपये ले चुका था।
भ्रष्टाचार का मामला दर्ज
EOW ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। टीम उनसे पूछताछ कर रही है और विभाग में अन्य अनियमितताओं के पहलुओं पर भी जाँच जारी है।



