भोपाल के बागसेवनिया थाने की पुलिस ने फर्जी ट्रेनी IAS और खुद को टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताने वाली तृप्ति सिंह राजपूत और उसके भाई सुधांशु सिंह को गुरुवार को चंदेरी से प्रोडक्शन वारंट पर भोपाल कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को 7 सितंबर तक यानी चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
आरोपियों पर एमपी टूरिज्म के होटल-रिसॉर्ट लीज पर दिलाने और सरकारी नौकरी का झांसा देकर लोगों से भारी रकम ठगने का आरोप है। पुलिस अब इनसे फर्जी दस्तावेजों, बैंक खातों और ठगी के पूरे नेटवर्क को लेकर पूछताछ कर रही है।
अब तक दर्ज चार बड़े मामले
- चंदेरी (अशोकनगर): नौकरी दिलाने के नाम पर 9.80 लाख रुपए की ठगी।
- बागसेवनिया (भोपाल – मामला 1): बालाघाट निवासी रोहित लिल्हारे से होटल लीज और नौकरी के नाम पर 39.17 लाख रुपए की ठगी।
- बागसेवनिया (भोपाल – मामला 2): सिवनी निवासी गगन उपवंशी से होटल लीज दिलाने के नाम पर करीब 50 लाख रुपए की ठगी।
चंदेरी में गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को तृप्ति के ठिकानों से फर्जी CBI कार्ड, सरकारी लेटरहेड, ट्रेनी IAS से जुड़े मोमेंटो और ‘भारत सरकार’ लिखी इनोवा कार बरामद हुई थी। पुलिस अब यह खंगाल रही है कि इस फर्जीवाड़े में उनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं।




