इंदौर। तुकोगंज क्षेत्र में संचालित एक एडवाइजरी कंपनी से जुड़े दो युवकों के अपहरण और मारपीट के चर्चित मामले में विजयनगर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब डेढ़ महीने से फरार चल रहे पांचों आरोपियों ने पुलिस की सख्ती और लगातार दबिश के दबाव में आकर अंततः थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया।
क्या था पूरा मामला?
शिकायतकर्ता धार निवासी कुंदन मीणा और सौरभ कुमार ने आरोप लगाया था कि 27 मई को एडवाइजरी कंपनी के ग्राहकों को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपियों—मनीष पांडे, अभिषेक कक्कड़, मोहित शर्मा, अरुण और अभिषेक रघुवंशी—ने उन्हें विजयनगर के एक होटल में बुलाया। आरोप है कि यहाँ उन्हें बंधक बनाकर बेरहमी से मारपीट की गई। घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहे थे।
दो बार की थी दबिश
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने ऋषिकेश और लखनऊ में दो बार दबिश दी, लेकिन वे हर बार चकमा देने में कामयाब रहे। पुलिस का शिकंजा कसता देख दो दिन पहले सभी पांचों आरोपियों ने इंदौर आकर सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की, जिसके बाद सोमवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।




