इंदौर में सरकारी जमीन को खुद की बताकर दूसरे को बेचने वाले कोटवार को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामला 2021 का है। इसमें शासन की ओर से एसडीएम ने बेटमा पुलिस को एक शिकायत की थी। इसमें बताया था कि, ग्राम मेठवाड़ा पूर्व कोटवार रमेश ने सेवा जमीन के रूप में प्राप्त सरकारी जमीन में से कुछ जमीन का हिस्सा अन्य व्यक्तियों को नोटरी द्वारा बेचा गया है। इसमें यह बताया गया कि, यह जमीन निजी स्वामित्व की है। कोटवार रमेश ने कोटवार पद के दायित्व से हटकर सरकारी जमीन का निजी लाभ लेते हुए धोखाधड़ी की। साथ ही लोगों और शासन के साथ छल किया।
इस पर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए जितेन्द्र वर्मा (नायब तहसीलदार टप्पा बेटमा) को अधिकृत किया गया। नायब तहसीलदार टप्पा बेटमा द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में केस दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान आरोपी से जमीन के संबंधित दस्तावेजों को जब्त किया गया। इसके बाद कोर्ट में चालान पेश किया गया।
मामले में कोर्ट ने आरोपी रमेश को दोषी पाते हुए उसे 10 साल के सश्रम कारावास से दंडित किया। इसके साथ ही 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक शिवनाथसिंह मावई द्वारा की गई।




