रतलाम। शहर में पिछले कुछ समय से बढ़ रही बाइक चोरी की वारदातों पर लगाम कसते हुए रतलाम पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने झाबुआ निवासी गिरोह के मास्टरमाइंड सहित तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है। इनके पास से चोरी की 9 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जिन्हें आरोपियों ने जंगलों में छिपाकर रखा था।
सोमवार शाम मामले का खुलासा करते हुए एएसपी विवेक कुमार लाल और सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सायबर सेल और थानों की एक संयुक्त टीम बनाई गई थी। पुलिस ने मुखबिरों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से रानीसिंह क्षेत्र में घेराबंदी कर चार संदिग्धों को दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने शहर के अलग-अलग इलाकों सहित देवास से भी बाइक चोरी करना स्वीकार किया है।
नाबालिगों का करता था इस्तेमाल
गिरोह का मुख्य आरोपी विकास (25), निवासी थांदला (झाबुआ), बेहद शातिर तरीके से काम करता था। वह आलीराजपुर और धार जिले के नाबालिगों को अपने साथ रखता था ताकि किसी को शक न हो। ये लोग चोरी की बाइक का इस्तेमाल ही दूसरी बाइक चोरी करने में करते थे और वारदात के बाद गाड़ियों को जंगल में छिपा देते थे।
यहाँ से बरामद हुई बाइक
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित वाहन बरामद किए हैं:
- रतलाम: संत नगर और ईदगाह रोड से चोरी हुई 3 चिह्नित बाइक।
- अन्य जिले: देवास से चोरी हुई 2 बाइक।
- कुल बरामदगी: 9 मोटरसाइकिलें।
इस कार्रवाई में ट्रेनी आईपीएस वैभव प्रिय, थाना प्रभारी पातीराम डाबरे, अनुराग यादव और सब इंस्पेक्टर विजय बामनिया की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अब आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है।




