विदिशा में 2 साल के बच्चे की इलाज के कुछ घंटे बाद मौत हो गई। पिता उसे बुधवार को लटेरी के सांई कृपा क्लीनिक में लेकर पहुंचा था। दवाई खिलाने के बाद उसकी तबीयत और बिगड़ गई थी।
पिता ने डॉक्टर डॉ. संतोष साहू पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। गुरुवार को नाराज परिजन और लोगों ने क्लीनिक के सामने चक्काजाम कर दिया।
हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जब पुलिस आरोपी डॉक्टर को लेकर जा रही थी, इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उसे पीटा और क्लीनिक पर पथराव भी किया।
एसडीएम विनीत तिवारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। उन्होंने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद चक्काजाम खत्म हो सका। मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

डॉक्टर ने दवाइयों की तीन बॉटल दीं थी बच्चे के पिता विनोद कुशवाह ने बताया कि वह मजदूरी करता है। उसकी शादी को 8 साल हो चुके हैं। उसके दो बच्चे थे। एक 6 साल की बेटी और एक 2 साल का बेटा देव। देव को सर्दी-खांसी की शिकायत थी, इसलिए बुधवार रात को वे उसे बस स्टैंड के पास संचालित ओम साईराम क्लीनिक ले गए थे। डॉ. संतोष साहू ने हमें तीन दवाइयों की बॉटल दीं। कहा, इनमें से आधा-आधा ढक्कन देना है। रात 9 बजे हमने एक बॉटल से बेटे को दवा दी। वो सो गया।
रात में बेटे को उल्टियां-दस्त होने लगे पिता ने आगे बताया कि रात को बेटा जब उठा तो वह बेचैन होने लगा। उसे उल्टियां और दस्त होने लगे। उसकी हालत खराब होने लगी। हम उसे फिर से डॉ. साहू के पास ले गए। काफी देर तक हम दरवाज़ा खटखटाते रहे, लेकिन उन्होंने दरवाज़ा नहीं खोला। इसके बाद लटेरी के अन्य डॉक्टरों के पास गए, लेकिन कोई नहीं मिला। फिर हम आनंदपुर के सद्गुरु हॉस्पिटल पहुंचे, लेकिन वहां से भी लटेरी अस्पताल जाने को कहा गया।
सरकारी डॉक्टर बोले- नकली दवा खिलाई
जब लटेरी के सरकारी अस्पताल पहुंचे, तब डॉक्टरों ने कहा कि देव अब इस दुनिया में नहीं रहा। हमने डॉक्टरों को बताया कि कौन-सी दवा दी थी। जब उन्होंने दवाइयां देखीं तो कहा ये नकली दवा है। वो दवाई पुलिस को सौंप दी। हम गरीब लोग हैं, मेहनत-मजदूरी कर पेट पालते हैं। लटेरी में और भी लोग आए थे। जिन्होंने बताया कि उनके साथ भी ऐसा हो चुका है। प्रशासन को सब फर्जी डॉक्टरों का पता है, पर कोई कार्रवाई नहीं करता।
बीएमओ ने कहा- दवाइयों के सैंपल लिए बीएमओ अभिषेक उपाध्याय ने बताया कि बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करा दिया है। राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई की जा रही है। डॉक्टर का क्लीनिक सील कर दिया है। एलोपैथिक और कुछ होम्योपैथिक दवाइयां मिलीं हैं। उनका सैंपल ले लिया हैं।
एएसपी ने कहा- क्लीनिक का सामान जब्त एडिशनल एसपी डॉक्टर प्रशांत चौबे ने बताया कि बच्चे के परिजन डॉक्टर पर होम्योपैथिक होने के बावजूद एलोपैथी का इलाज करने का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने क्लीनिक में रखा सामान जब्त कर लिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने कहा- डॉक्टर के लाइसेंस की होगी जांच एसडीएम विनीत तिवारी ने बताया कि प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। डॉक्टर की मेडिकल योग्यता, लाइसेंस और क्लीनिक संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इलाज में लापरवाही की पुष्टि हो सकेगी। जांच में दोषी पाए जाने पर डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




