मध्यप्रदेश कैडर के 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग सुजानिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोमवार को यह इस्तीफा सौंपा, जिसमें नौकरी छोड़ने की वजह व्यक्तिगत बताई गई है। सुजानिया करीब छह महीने तक सागर के पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में तैनात रहे थे। हालांकि, चार दिन पहले ही शासन ने उन्हें इस पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय (PHQ) में सहायक महानिरीक्षक (AIG) के पद पर पदस्थ किया था।
इस्तीफे के बाद प्रशासनिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है। मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भौंरी पहुंचे, जहां आईपीएस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उनसे मुलाकात कर इस मामले पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन से इस प्रकरण में चर्चा की और शाम को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में कानून-व्यवस्था की समीक्षा के साथ-साथ सुजानिया के इस्तीफे के मामले पर भी मंथन होने की संभावना है।
राज्य सरकार ने फिलहाल अनुराग सुजानिया का इस्तीफा स्वीकार करने को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। वहीं, जब इस संबंध में आईपीएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चंचल शेखर से बात की गई, तो उन्होंने इस घटनाक्रम की जानकारी होने से इनकार करते हुए इस मामले पर कुछ भी कहने से किनारा कर लिया।
अनुराग सुजानिया इससे पहले मुरैना जिले के एसपी भी रह चुके हैं। उनके मुरैना कार्यकाल के दौरान 2021 में जहरीली शराब पीने से 24 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, और जांच में पुलिस संरक्षण में अवैध शराब का कारोबार चलने की बात सामने आने के बाद उन्हें पद से हटाया गया था। इसके अलावा, इसी साल सितंबर में सागर जिले के बंडा क्षेत्र में भी जहरीली शराब पीने से 15 लोगों की मौत का मामला सामने आया था (जबकि विपक्ष ने 36 मौतें होने का दावा किया था)। इस मामले की जांच के लिए सरकार ने न्यायिक आयोग का गठन किया है और अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में शासन ने सागर के कलेक्टर और एसपी दोनों को हटा दिया था।




