इंदौर:नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी (ARO) जितेंद्र कुमार पांडेय के यहां लोकायुक्त की छापेमारी के बाद मामला गरमा गया है। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने अधिकारियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि यदि शहर के भ्रष्ट अधिकारियों के ठिकानों पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के छापे पड़े, तो उद्योगपति अंबानी जितनी संपत्ति बाहर आ जाएगी। उन्होंने सरकार से इन मामलों में ईडी से जांच कराने की मांग की है।
”सिर्फ निलंबन काफी नहीं, संपत्तियों पर चले बुलडोजर”
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ऐसे अधिकारी माफिया से भी अधिक खतरनाक हैं क्योंकि वे सिस्टम के भीतर रहकर ही धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने मांग की कि केवल निलंबन से काम नहीं चलेगा, बल्कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को जेल भेजा जाना चाहिए और उनकी अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद ईडी को पत्र लिखकर आय से अधिक संपत्ति रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगी।
लोकायुक्त कार्रवाई में सामने आई थी करोड़ों की संपत्ति
बीते शुक्रवार को लोकायुक्त की टीमों ने एआरओ जितेंद्र कुमार पांडेय के निवास और उनकी पत्नी भावना पांडेय के नाम पर संचालित हॉस्टल पर एक साथ छापा मारा था। शुरुआती जांच में पांडेय की आय से लगभग 474.84% अधिक यानी 4.59 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा हुआ था। इस खुलासे के बाद नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।




