भोपाल। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को भोपाल जिले में 5 साल तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में करीब 3.32 लाख बच्चों को सुरक्षा कवच देने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए 2710 बूथ बनाए गए हैं।
हर बच्चे तक पहुँचने की कोशिश
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों, अस्पतालों के अलावा मॉल, बाजारों, बस स्टैंड और एयरपोर्ट पर भी बूथ बनाए गए हैं। ईंट भट्टों, निर्माण स्थलों और घुमक्कड़ आबादी वाले क्षेत्रों के लिए विशेष मोबाइल टीमें घर-घर जाकर बच्चों को खुराक दे रही हैं।
ट्रेनों में सफर कर रहे बच्चों का भी टीकाकरण
पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल ने भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई है। भोपाल, इटारसी, बीना सहित प्रमुख स्टेशनों पर 22 बूथ बनाए गए हैं। साथ ही, झेलम एक्सप्रेस, पंजाब मेल और कामायनी एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों में मोबाइल टीमें तैनात की गई हैं, जो यात्रा कर रहे बच्चों को चलती ट्रेन में ही पोलियो की खुराक पिला रही हैं।
पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि कायम रखना जरूरी
जेपी अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश अहीरवाल ने कहा कि देश 2014 से पोलियो मुक्त है, लेकिन इस उपलब्धि को बरकरार रखने के लिए टीकाकरण बेहद आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग और रेल प्रशासन ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को नजदीकी बूथ पर ले जाकर पोलियो की दो बूंद दवा जरूर पिलाएं, ताकि पोलियो की बीमारी से स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



