भोपाल में रंगपंचमी धूमधाम से मनाई जा रही है। गली-गली, चौक-चौराहों और कॉलोनियों में रंगों और गुलाल की बौछार शुरू हो गई है। छोटे-बड़े सभी उम्र के लोग अबीर-गुलाल उड़ाते हुए, ढोल की थाप पर नाचते-गाते और एक-दूसरे को रंग लगाकर होली का आनंद ले रहे हैं।
इस बीच, पुराने भोपाल से रंगपंचमी का भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस के दौरान झांकियां भी नजर आई, जिनमें शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण और ब्रज की होली की झलक देखने को मिली। साथ ही ढोल-ताशे, डीजे, दुल-दुल घोड़ी, ऊंट, घोड़े और फूल-गुलाल उड़ाने वाली मशीनों ने इस उत्सव की रौनक को दोगुना कर दिया।
जुलूस चौक से शुरू होकर घोड़ा नक्कास, कुंदन नमकीन, जुमेराती से होते हुए पीर गेट स्थित कर्फ्यू वाली माता के मंदिर पर पहुंचा, जहां हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। समापन के दौरान 6 टैंकरों से लोगों पर गुलाल बरसाया गया, जिससे पूरा वातावरण लाल, गुलाबी, पीला और हरे रंगों में रंग गया। इसके अलावा, जुलूस में कई आकर्षक झांकियां भी शामिल थीं।
इधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के बंगले पर होली मिलन समारोह का आयोजन हुआ। इस समारोह में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ होली के गीत गाए।
देखें 6 तस्वीरें…






कांग्रेस विधायकों ने सुनाई फाग
पीसीसी चीफ के बंगले पर आयोजित होली मिलन समारोह में डबरा विधायक सुरेश राजे ने फाग गीत सुनाया। वहीं पृथ्वीपुर विधायक नितेन्द्र सिंह राठौर ने होली गीत गाया। पूर्व विधायक और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी थिरकते नजर आए

बरखेड़ी-शाहपुरा में निकली गेर
रंगपंचमी के इस खास मौके पर सेवा संकल्प युवा संगठन ने कर्फ्यू वाली माता मंदिर पर विशेष आयोजन किया। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की अंतरिक्ष से सुरक्षित वापसी का जश्न भी रंगों के साथ मनाया गया।
इसके अलावा, सुभाष चौक, बरखेड़ी और शाहपुरा से भी गेर निकाली गई। संत नगर, भेल और कोलार क्षेत्र में भी रंगपंचमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य आयोजन चौक बाजार में हुआ, जहां भारी संख्या में लोग इस रंगोत्सव का आनंद लेने पहुंचे।
भोपाल में 1956 में पहली बार निकली थी गेर
समाजसेवी प्रमोद नेमा ने बताया कि 1956 में भोपाल सर्राफा के व्यापारी इंदौर गए थे, जहां उन्होंने रंगपंचमी की गेर देखी। इस आयोजन से प्रेरित होकर उन्होंने भोपाल में भी ऐसा ही जुलूस निकालने का निर्णय लिया। जब वे वापस लौटे, तो सबसे पहले चौक बाजार से रंगपंचमी का जुलूस प्रारंभ किया, जो लगातार 4 वर्षों तक चला।
भीड़ बढ़ने लगी, तो हिंदू उत्सव समिति के संस्थापक उद्धव दास मेहता से इस आयोजन की व्यवस्था संभालने का अनुरोध किया गया। इसके बाद, 1960 में पहली बार हिंदू उत्सव समिति के बैनर तले रंगपंचमी का जुलूस निकाला गया। उस दौर में जुलूस चौक बाजार से प्रारंभ होकर लोहा बाजार, जुमेराती, सोमवारा, लखेरापुरा होते हुए हनुमान गंज स्थित हनुमान जी की मढ़िया पर समाप्त होता था।




