भोपाल:
पॉक्सो कोर्ट ने 10 साल की मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले सगे फूफा को तिहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने पीड़िता को 5 लाख रुपये का प्रतिकर (मुआवजा) देने का भी आदेश दिया है।
विशेष लोक अभियोजक सुश्री दिव्या शुक्ला ने बताया कि मामला थाना सुखीसेवनिया क्षेत्र का है। पीड़िता के माता-पिता की बचपन में ही मृत्यु हो गई थी और दादी के निधन के बाद बुआ-फूफा उसे अपने साथ ले गए थे। कोरोना काल में स्कूल बंद होने के दौरान आरोपी फूफा ने बच्ची के साथ डरा-धमकाकर लगातार दो साल तक दुष्कर्म किया।
मासूम ने जब हिम्मत जुटाकर अपनी सहेली और फिर बुआ को इसकी जानकारी दी, तो आरोपी ने अपनी हरकत बंद नहीं की। आखिरकार, एसओएस (SOS) कार्यकर्ता की मदद से पुलिस तक मामला पहुंचा और थाना सुखीसेवनिया में अपराध दर्ज किया गया।
माननीय न्यायालय (अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश/पॉक्सो एक्ट) ने अभियोजन पक्ष के मजबूत तर्कों, साक्ष्यों और वैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को आईपीसी की धारा 376(एबी), 376(2)एन और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत दोषी मानते हुए यह कठोर सजा सुनाई। अदालत ने पीड़िता की आगे की पढ़ाई और उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसे 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी पारित किया है।




