ग्वालियर। महाराजपुरा थाना क्षेत्र के शताब्दीपुरम फेस-2 में एक रिटायर्ड शिक्षक साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने फाइबर सर्विस का फर्जी कर्मचारी बनकर उनके बैंक खाते से 2.45 लाख रुपए पार कर दिए। हैरान करने वाली बात यह है कि घटना सितंबर 2025 की है, लेकिन लंबी प्रक्रिया के बाद अब जाकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
गूगल से नंबर निकालना पड़ा भारी
फरियादी दिनेश कुमार (62), जो शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हैं, ने बताया कि उनके घर का स्मार्ट टीवी खराब हो गया था। उन्होंने मदद के लिए इंटरनेट पर फाइबर कंपनी का कस्टमर केयर नंबर खोजा। उन्हें क्या पता था कि गूगल पर मौजूद वह नंबर जालसाजों का है।
रिमोट एक्सेस लेकर खाली किया खाता
जब दिनेश कुमार ने उस नंबर पर कॉल किया, तो सामने वाले ने तकनीकी सहायता के नाम पर उन्हें कुछ निर्देश दिए। बातों-बातों में ठग ने उनके मोबाइल का रिमोट एक्सेस (नियंत्रण) ले लिया। ठगों ने टीवी तो चालू कर दी, लेकिन अगले ही दिन पीड़ित के बैंक ऑफ इंडिया के खाते से यूपीआई (UPI) के जरिए किस्तों में 2.45 लाख रुपए निकल गए।
पुलिस की सुस्ती और 1930 का सहारा
पीड़ित का आरोप है कि शुरुआत में थाने में सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। वहां से मिले निर्देशों के बाद अब महाराजपुरा थाना पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ ई-एफआईआर दर्ज की है।
“हमने मामला दर्ज कर लिया है। जिन यूपीआई आईडी पर पैसा ट्रांसफर हुआ है, उनकी डिटेल निकाली जा रही है। जल्द ही आरोपियों का सुराग लगा लिया जाएगा।”
— थाना प्रभारी, महाराजपुरा
सावधान रहें!
- इंटरनेट पर मिलने वाले कस्टमर केयर नंबरों पर आंख बंद करके भरोसा न करें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन में कोई भी ऐप डाउनलोड न करें।
- कोई भी कंपनी सर्विस के नाम पर आपसे बैंक संबंधी जानकारी या मोबाइल एक्सेस नहीं मांगती।




