भोपाल:
तबादला सीजन के दौरान पशुपालन एवं डेयरी विभाग में हुए प्रशासनिक फेरबदल को लेकर विरोध के सुर तेज हो गए हैं। प्रदेशभर के पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ और सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर इन आदेशों को निरस्त करने की मांग की।
प्रभावित कर्मचारियों ने सीएम के अपर मुख्य सचिव और पशुपालन विभाग के सचिव के स्टाफ को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है।
प्रमुख मांगें और आरोप:
- नियमों की अनदेखी का आरोप: 15, 16 और 18 जून को जारी ट्रांसफर आदेशों में राज्य की स्थानांतरण नीति का पालन नहीं करने का आरोप है। कर्मचारियों का कहना है कि कई तबादले मनमाने ढंग से किए गए हैं।
- सार्थक ऐप पर सवाल: कर्मचारियों ने ‘सार्थक ऐप’ के आधार पर किए गए तबादलों को औचित्यहीन बताते हुए इसकी भी जांच की मांग की है।
- नोडल अधिकारी पर गंभीर सवाल: ज्ञापन में कहा गया है कि बिना वास्तविक स्थिति जाने केवल ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर कर्मचारियों को 700 से 1000 किलोमीटर दूर भेज दिया गया है। साथ ही, कुछ प्रभावशाली अधिकारियों को सूची से बाहर रखने का भी आरोप लगाया गया है।
अधिकारियों की नाराजगी को देखते हुए विभाग में आंतरिक हलचल तेज हो गई है।




