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Russia-Ukraine war: जबलपुर से सीएम हेल्पलाइन में यूक्रेन में फंसे बच्चे के लिए मांगी मदद, अफसरों का नंबर मिला वो भी बंद

पुराना पुल निवासी डा.मकसूद आलम की पोती तजीन यूक्रेन के शहर कीव बोकमिलट में है। यूक्रेन में रूस के हमले के बाद हालात वहां खराब हो गए है। तजीन अन्य भारतीय विद्यार्थियों के साथ हास्टल में मदद का इंतजार कर रही है। उसके पिता इकबाल आमल ने बताया कि उसे किसी तरह की मदद नहीं मिल पा रही है। उनकी बेटी प्रथम वर्ष की मेडिकल छात्रा है। हास्टल में हर वक्त भय बना हुआ है बमबाजी के बाद सायरन बजता है। हर बार बंकरों में जाकर छात्र अपनी जाच बचाने में जुट जाते हैं। उन्होंने बताया कि तजीन से बात हो रही है वह अभी सुरक्षित है। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में मदद के लिए संपर्क किया जहां से उनके पास फोन आया। उन्होंने यू्क्रेन में मदद के लिए चार भारतीय अधिकारियों के संपर्क नंबर दिए थे लेकिन वो नंबर बंद बता रहे हैं। उनके अनुसार उन्हें मदद नहीं मिल पा रही है।

यूक्रेन में फंसी सुभि गुप्ता आज पहुंची स्वदेश : यूक्रेन में चल रहे युध्द संकट के बीच वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रही जबलपुर की बेटी सुभि गुप्ता सुबह 5:30 बजे दिल्ली पहुंची। उल्लेखनीय है कि जबलपुर निवासी पांच विद्यार्थी जो यूक्रेन के अलग अलग शहरों में पढ़ाई करने गए हुए थे उन्हें वहां आए संकट के बाद वापस लाने हेतु उनके पालकों ने सांसद राकेश सिंह से संपर्क किया था जिसके बाद सांसद ने विदेश मंत्रालय से संपर्क किया और उन्हें सुरक्षित वापस लाने हेतु आग्रह किया। पांच बच्चो में से एक बच्ची शांतिनगर दमोहनाका निवासी सुभि गुप्ता यूक्रेन बार्डर से निकल कर रोमानिया पहुंच गई है को वहां एयर इंडिया की फ्लाइट से कल सुबह दिल्ली पहुंचेगी। श्री सिंह ने बताया कि वे लगातार सभी बच्चों के संपर्क में है और जबलपुर के बाकी फंसे बच्चे भी शीघ्र ही वापस लौटेंगे।

सुबह 10 बजे निकाला : आधारताल निवासी तबस्सुम अंसारी ने बताया कि उनका बेटा आसिफ रजा भी यूक्रेन के चैवनिविस्ट शहर के हास्टल में मदद का इंतजार कर रहा था। गत दिवस उसे पता चला कि उसे रविवार को बस से बार्डर तक पहुंचाया जाएगा। उसके साथ 58 अन्य विद्यार्थियों को रेस्क्यू किया गया है। भारतीय समय के अनुसार रविवार की सुबह 10 बजे उसे बस से ले जाया गया है। तबस्सुम ने बताया कि उसके बेटे से उसका लगातार संपर्क बना हुआ है स्थिति बहुत नाजुक बनी हुई है। उन्हें उम्मीद है कि यदि समय पर वह वार्डर पहुंच गया तो संभव है कि रात तक वह भारत वापस लौट आएगा।

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