भोपाल में रेप और ब्लैकमेलिंग के आरोपियों ने शहर से दूर गांव में ठिकाने बना रखे थे। हथाईखेड़ा के क्लब 90 के अलावा सीहोर जिले के बिलकिसगंज में उन्होंने कमरा किराए पर ले रखा था। अशोका गार्डन पुलिस की पूछताछ में आरोपी फरहान, अली, साहिल और नबील लगातार खुलासे कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बिलकिसगंज में फरहान और अबरार अय्याशी किया करते थे। फरहान ने इस रूम में भी एक पीड़िता के साथ ज्यादती की है। इसका खुलासा होने के बाद पुलिस आरोपी फरहान को लेकर शुक्रवार देर रात बिलकिसगंज जा रही थी।
पुलिस को यहां से साक्ष्यों की जब्ती करना थी। इससे पहले ही उसने एसआई की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की और फायर होने के बाद गोली उसे लग गई।

बिलकिसगंज के कमरे में अबरार ने फरारी भी काटी फरहान ने पुलिस को पूछताछ में जानकारी दी थी कि पश्चिम बंगाल स्थित हॉस्टल में भोपाल पुलिस की दबिश के बाद अबरार भाग गया था। अब उसे पुख्ता जानकारी है कि अबरार बिलकिसगंज के कमरे में छिपा है। लिहाजा पुलिस उसे लेकर सर्चिंग के लिए जा रही थी। रेप के लिए इस्तेमाल ज्यादातर कमरों को अबरार ने ही किराए पर लिया था। अशोका गार्डन वाला कमरा भी उसी का था और बिलकिसगंज में भी कमरा उसी ने किराए पर लिया।
कॉलेजों के आसपास ही बनाते थे ठिकाना
दरअसल, रायसेन रोड पर कई इंजीनियरिंग कॉलेज हैं। लड़कियों को प्राइवेसी और क्वालिटी टाइम बिताने का झांसा देकर आरोपी क्लब 90 में ले जाया करते थे। इसी तरह रातीबढ़ थाना इलाके में सिकंदराबाद गांव में कई इंजीनियरिंग कॉलेज हैं। यहां से बिलकिसगंज महज 7-8 किलोमीटर की दूरी पर है। आरोपियों ने यहां के कई कॉलेज छात्रों से संबंध बना रखे थे। साथियों के साथ अय्याशी के लिए बिलकिसगंज वाले किराए के कमरे का इस्तेमाल करते थे।




