भिंड:
जिले में 40 दिन में रकम दोगुनी करने का लालच देकर निवेश कराने वाले ‘अरोरा एक्स’ (Aurora X) ऐप का कारोबार अब पूरी तरह सवालों के घेरे में आ गया है। पिछले 7-8 महीने से चल रहा इस फर्जी कारोबार का कार्यालय अचानक बंद हो गया है। वहीं, 14 अक्टूबर से ट्रांजेक्शन अटकने के बाद निवेशकों में भारी हड़कंप मचा हुआ है।
करोड़ों के लेनदेन और बंद कार्यालय की चर्चा
जानकारी के मुताबिक, इस ऐप के जरिए लोगों को कम समय में अमीर बनाने का सपना दिखाकर निवेश कराया जा रहा था। शुरुआती दौर में इसका रोजाना का लेनदेन लाखों में था, जो बाद में बढ़कर करोड़ों रुपए प्रतिदिन तक पहुंच गया। हालांकि, कुल निवेश और निवेशकों की संख्या को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 14 अक्टूबर से ऐप के ट्रांजेक्शन रुकने और ऑफिस बंद होने के बाद निवेशकों को अपनी गाढ़ी कमाई डूबने की चिंता सता रही है।
पुलिस जांच और झारखंड कनेक्शन
परेशान निवेशक अब न्याय की गुहार लगाने के लिए सिटी कोतवाली और देहात थाने पहुंच रहे हैं। पुलिस ने मामले में संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार लोगों को नोटिस जारी किए थे, जिनमें से एक का जवाब हाईकोर्ट के वकील के जरिए पुलिस को मिल चुका है।
देहात थाना प्रभारी शिवप्रताप सिंह राजावत ने बताया कि पुलिस को इस मामले में अहम साक्ष्य मिले हैं। इसके साथ ही, झारखंड के दुमका में ‘अरोरा एक्स’ के संचालक के खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी भी मंगवाई गई है, ताकि भिंड के मामलों से इसके कनेक्शन को खंगाला जा सके। फिलहाल साइबर टीम ऐप के बैंक खातों और पूरे नेटवर्क की कुंडली खंगालने में जुटी है।



