इंदौर में द्वारकापुरी थाने में महिला की शिकायत पर लापरवाही बरतना एक टीआई और ड्यूटी अफसर को भारी पड़ गया। डीसीपी ऋषिकेश मीना ने सोमवार रात थाना प्रभारी राहुल राजपूत को लाइन अटैच कर दिया, वहीं ड्यूटी पर मौजूद एएसआई रामगोपाल वर्मा के खिलाफ जांच बैठा दी गई है। मामला एक महिला की घरेलू हिंसा और जान से मारने की धमकी को लेकर की गई शिकायत से जुड़ा है, जिसकी एफआईआर दर्ज करने में थाने स्तर पर लापरवाही बरती गई।
घर में घुसकर की मारपीट
पीड़िता ने बताया कि वह वर्ष 2021 से आरोपी रोहित मराठा निवासी परिवहन नगर के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थी। दो माह पहले झगड़े के बाद दोनों अलग हो गए थे। 25 मई की रात रोहित उसके घर पहुंचा, दरवाजा खुलवाकर जबरदस्ती अंदर घुसा, गाली-गलौज की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। महिला का आरोप है कि आरोपी काफी देर तक घर में रुका रहा और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा।
घटना के अगले दिन जब पीड़िता शिकायत लेकर द्वारकापुरी थाने पहुंची, तो ड्यूटी पर मौजूद एएसआई रामगोपाल वर्मा ने गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने महिला को काफी देर तक थाने में बैठाए रखा, आवेदन देने की बात कही और एफआईआर दर्ज किए बिना रवाना कर दिया। इस दौरान महिला थाने में रोती रही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
डीसीपी को बताई आपबीती
दोपहर बाद जब थाना प्रभारी राहुल राजपूत थाने पहुंचे, तब तक पीड़िता थाने से जा चुकी थी। महिला सीधे डीसीपी ऋषिकेश मीना के पास पहुंची और पूरी आपबीती सुनाई। इस पर डीसीपी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए टीआई राहुल राजपूत को लाइन अटैच कर दिया। साथ ही ड्यूटी अफसर एएसआई रामगोपाल वर्मा के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
डीसीपी मीना की फटकार के बाद पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी रोहित मराठा के खिलाफ IPC की धारा 331(6), 115(2), 296, 351, 324(4) के तहत केस दर्ज किया। रोहित पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
जानकारी के अनुसार वह एक कांग्रेस नेता के यहां गोली चला चुका है और दो माह पहले एक महिला के घर के बाहर खड़ी एक्टिवा में आग लगाने का भी आरोपी है।




