इंदौर की विजयनगर पुलिस ने एक ट्रेवल्स संचालक की शिकायत पर रविवार को उसके कर्मचारी के खिलाफ 15 करोड़ के गबन करने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। आरोपी ने तीन साल से काम के दौरान रुपए की हेराफेरी करने के साथ ही डेटा दूसरे ट्रेवल्स संचालक को बेचा। इसके बाद फर्जी बेवसाइट बनाकर गलत काम किया। पुलिस ने संतोष जावदे निवासी सुयश विहार हीरानगर की शिकायत पर रितेश बुचड़े निवासी भागीरथपुरा और मिलिंद राव सोनोने निवासी रेडवाल कॉलोनी, प्रभात राय निवासी शीतल नगर के खिलाफ गबन के मामले में एफआईआर की है। संतोष ने बताया कि उनका श्रद्धा ट्रेवल्स के नाम रतन लोक कॉलोनी में काम है। रितेश पिछले दिनो उनके यहां से काम छोड़कर चले गया। काम छोड़ने का कारण पूछा तो बताया नहीं। कुछ समय बाद एकांउट की जांच में करोड़ों की हेरफेर सामने आई।
रितेश को कॉल किया तो उसका मोबाइल बंद आया। बाद में पता चला कि वह 3 सालो से ट्रेवल्स के रुपए की हेराफेरी कर रहा था। रितेश से संपर्क किया तो उसने हेराफेरी करने वाले रूपए वापस करने की बात कही। इसके बाद रितेश ने उनका पूरे कस्टमर का डाटा भक्ति ट्रेवल्स के मालिक मिलिंद सोनोने को बेच दी। दाेनों ने अपने अन्य साथी की मदद से फर्जी बेवसाइट बनाकर धोखाधड़ी की है।मालिक संतोष जावदे ने पुलिस को बताया कि उनके यहां पर 30 से 35 कर्मचारी काम करते हैं। रितेश उनके यहां मैनजमेंट का काम करता था। जिसमें बुकिंग पैमेंट कलेक्शन का काम उनके पास था। उसने काम के दौरान कभी शंका भी नही होने दी। हालांकि इस मामले में संतोष ने वरिष्ठ अफसरों को भी जानकारी दी थी। उनके मुताबिक गबन की गई राशि करीब 15 करोड़ रुपए है।




