भोपाल:
भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जबलपुर हाईकोर्ट से पूर्व जज गिरिबाला सिंह को बड़ा झटका लगा है। बुधवार को अदालत ने उनका जमानत आवेदन खारिज कर दिया।
जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मामले की गंभीरता, सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शुरुआती साक्ष्यों को देखते हुए फिलहाल जमानत देना उचित नहीं है। अदालत ने यह भी माना कि अभी महत्वपूर्ण फोरेंसिक रिपोर्ट्स और डिजिटल निष्कर्षों का इंतजार है तथा इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है।
सुनवाई के दौरान सीबीआई ने जमानत का पुरजोर विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं जिन्होंने शुरुआती दौर में मामले की समानांतर जांच प्रभावित करने की कोशिश की थी। बता दें कि यह मामला पहले भोपाल के कटारा हिल्स थाने में दर्ज हुआ था, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई को स्थानांतरित किया गया था। इससे पहले निचली अदालत से मिली अग्रिम जमानत को भी हाईकोर्ट ने 27 मई को रद्द कर दिया था।
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार ट्विशा और समर्थ की मुलाकात जनवरी 2025 में एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हुई थी और 9 दिसंबर 2025 को दिल्ली में दोनों का विवाह हुआ था। लेकिन शादी के महज पांच महीने बाद ही 12 मई 2026 को ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में ट्विशा की मौत हो गई थी, जिसे ससुराल पक्ष ने आत्महत्या बताया था। मृतका के परिजनों का आरोप है कि इंटरकास्ट मैरिज होने के कारण उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता था और ट्विशा इन सभी बातों की जानकारी कॉल और चैट के जरिए अपने परिवार को देती थी।




