जिम्मेदार अधिकारियों की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जिले में नदी-नाले उफान पर हैं। सोमवार को शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर लश्करपुर रोड स्थित बामनखेड़ा गांव में धान की रोपाई कर रहे 17 मजदूर अचानक बाढ़ के पानी में फंस गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और होमगार्ड की टीम मौके पर पहुंची और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
अचानक बढ़ा पानी, रास्ते हुए बंद
एसडीएम क्षितिज शर्मा ने बताया कि बामनखेड़ा के पास बहने वाले छोटे नाले (जिसे स्थानीय लोग ‘वाह नदी’ कहते हैं) का जलस्तर तेज बारिश के कारण अचानक बढ़ गया। बाहर से आए ये मजदूर खेतों में धान की रोपाई का काम कर रहे थे। पानी बढ़ने पर जब उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की, तब तक रास्ते बंद हो चुके थे और वे घिर गए थे।
सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन और होमगार्ड की टीम तुरंत हरकत में आई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी ने बताया कि रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सावधानीपूर्वक अभियान चलाया और सभी 17 मजदूरों को सकुशल बाहर निकाल लिया। गनीमत यह रही कि इस दौरान किसी भी मजदूर को खरोंच तक नहीं आई और सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।




