विदिशा। शहर की ईदगाह स्थित एसबीआई की कृषि वाणिज्यिक शाखा में हुए बड़े गोल्ड लोन फर्जीवाड़े की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस घोटाले की राशि करीब 6 करोड़ रुपए बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पुलिस और बैंक की विजिलेंस टीम समानांतर जांच कर रही है।
सांठगांठ का संदेह:
आरोप है कि बैंक मैनेजर, अधिकृत वैल्यूअर (सुनार) और स्टाफ की मिलीभगत से नकली या कम गुणवत्ता वाले आभूषणों के बदले मोटी रकम का लोन पास किया गया। कोतवाली पुलिस अब तक 8 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है, लेकिन बैंक द्वारा अब तक जरूरी दस्तावेज उपलब्ध न कराए जाने से जांच में बाधा आ रही है।
कलेक्टर सख्त, मांगा पुलिस वेरिफिकेशन:
इस मामले के बाद कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने सभी बैंकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने आदेश दिए हैं कि बैंक अब सभी अधिकृत वैल्यूअर्स का पुलिस वेरिफिकेशन कराएंगे। साथ ही, यह भी जांचा जाएगा कि वैल्यूअर और बैंक कर्मचारियों के बीच कोई आपसी सांठगांठ तो नहीं है।
फिलहाल, बैंक की आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट और विजिलेंस टीम की जांच का इंतजार है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




