भोपाल की साइबर क्राइम ब्रांच ने पैसों का लालच देकर ग्रामीणों के खाते खुलवाकर साइबर जालसाजों को बेचने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को आरोपियों द्वारा देशभर में करीब 40 खाते बेचे जाने की जानकारी मिली है। आरोपियों में एक युवक एलएलबी का छात्र भी शामिल है।
एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि यह गिरोह ग्रामीणों के बैंक खाते खुलवाकर ठगों को बेचता था। देवास से पकड़ा गया रोहित जायसवाल इस गिरोह का सरगना है। एलएलबी कर रहा रोहित ठगी की गई रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदलने का काम करता था। वह देशभर के ठगों को किराए पर खाते भी उपलब्ध करवाता था, जिसके एवज में उसे 5 से 7 हजार रुपए मिलते थे।
खातों से करोड़ों रूपए का लेनदेन किया गया आरोपियों के बेचे गए खातों से करोड़ों रुपए का लेनदेन किया जा चुका है। पुलिस इन खातों की बारीकी से जांच कर रही है। यह भी पड़ताल की जा रही है कि क्या इन खातों से विदेशों में भी ट्रांजेक्शन किए गए हैं।
ऐसे आरोपियों तक पहुंची पुलिस
नेहरू नगर निवासी अरुण प्रकाश चौधरी से 7 अक्टूबर को 16.70 लाख रुपए की ठगी हुई थी। ऑनलाइन जॉब के नाम पर ठगों ने उन्हें लिंक भेजकर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ लिया और घर बैठे ऑनलाइन टास्क पूरा करने के नाम पर यह रकम ठग ली। शिकायत पुलिस तक पहुंचने के बाद, मोबाइल नंबर और टेलीग्राम ग्रुप के आईपी एड्रेस के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
जानिए पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों की प्रोफाइल
- रोहित जायसवाल – एलएलबी का छात्र है। उसके पिता सब्जी मंडी में काम करते हैं। आठ महीने पहले वह ठगों के संपर्क में आया। ठगी गई रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदलने का काम करता था।
- नीतेश चौहान – उज्जैन निवासी नीतेश बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीए) ग्रेजुएट है। वह ग्रामीणों को 1500 से 2000 रुपए का लालच देकर खाते खुलवाकर रोहित तक पहुंचाता था। अब तक करीब 20 खाते खुलवा चुका है। पूछताछ में उसने बताया कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।
- कुलदीप मेघवाल – मंदसौर का रहने वाला कुलदीप 8वीं तक पढ़ा है। उसने कमीशन लेकर अपने बैंक खाते ठगों को बेचे।
- लाल सिंह – उज्जैन निवासी लाल सिंह तीसरी कक्षा तक पढ़ा है। उसने भी अपना खाता कमीशन लेकर ठगों को किराए पर दिया।




