भोपाल में लोहा कारोबारी को किडनैप कर लिया गया। दो बदमाश दिनदहाड़े रिवॉल्वर अड़ाकर व्यापारी को उसी की कार से अगवा कर ले गए। गोली मारने की धमकी देते हुए आरोपी उसे मिसरोद इलाके में लेकर पहुंचे। बदमाशों ने उससे 30 लाख रुपए मांगे। हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया। इसके बाद डरा-सहमा व्यापारी गोविंदपुरा थाने पहुंचा। उसने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने शिकायत पर अड़ीबाजी, ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि घटना के दौरान व्यापारी खुद कार ड्राइव कर रहा था। ऐसे में किडनैपिंग की धारा नहीं लगेगी। CCTV में बाइक सवार दो संदिग्ध दिखे हैं।कारोबारी की जुबानी, किडनैपिंग की कहानीमेरा नाम अंकुर मित्तल (35) पुत्र अनिल मित्तल है। मकान-ए-76 पद्मनाभ नगर ऐशबाग में रहता हूं। गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में लोहा (स्क्रैप) का व्यापारी हूं। मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे कार (एमपी 04सीएन 5548) से घर से गोदाम के लिए निकला था। 8 नंबर गेट के सामने पान दुकान पर कार रोकी। करीब पौने 11 बजे पान खाकर वापस कार में आकर बैठा। उसी समय दो लोग आए। इनमें से एक गाड़ी की आगे और दूसरा पीछे वाली सीट पर आकर बैठ गया। दोनों की 35 से 40 साल के बीच रही होगी। दोनों काले रंग का नकाब पहने थे। कलर चश्मा लगाया था। आगे बैठे बदमाश ने रिवाॅल्वर निकालकर मेरे बाएं तरफ पेट में अड़ा दी, जबकि पीछे वाले शख्स ने कनपटी पर रिवाॅल्वर अड़ा दी। आगे बैठा शख्स बोला-गाड़ी दशहरा मैदान तरफ ले चलो। बात नहीं मानने पर गोली मारने की धमकी दी। मैं डर गया। उनके कहे अनुसार दशहरा मैदान सीढ़ियों के पास कार ले आया। तब आगे बैठा बदमाश बोला- तुम्हारे घर पर जो भी हो, उससे बोलो कि 45 लाख रुपए लेकर एमपी नगर के पास आए, नहीं तो तुम्हें मार दूंगा। मैंने कहा- मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं। घर पर कोई लाने वाला भी नहीं है।इसके बाद बदमाशों ने बोला- हमें पता है कि तुम्हारे घर मम्मी व पांच साल की बेटी है। तुम्हारे घर के पास भी मेरा एक आदमी खड़ा है। इसके बाद बोलने लगे कि किसी दूसरे से रुपए मंगवाओ। मैंने कहा कि ऐसा कोई भी नहीं है, जो पैसे ला पाएगा। किसी रिश्तेदार या ऑफिस के व्यक्ति से रुपए मंगाओ। बदमाश कहने लगे कि कार चलवा कर कार्मल स्कूल के सामने रोड के कट प्वाइंट से अन्ना नगर चौराहा से कस्तूरबा अस्पताल होकर होशंगाबाद रोड पर ले गए। रास्ते में बोल रहे थे कि सोचो किसको फोन लगाना है। नहीं तो वहां 45 के 60 लाख रुपए देना पड़ेंगे। वे मुझे 11मील तरफ लेकर गए। रास्ते में कजिन अमित गर्ग को फोन लगवाया।
अमित ने पूछा कि इतने पैसे की क्या जरूरत पड़ गई? बदमाश ने मेरे कान में लगकर कहा कि बोल- मैंने माल खरीदा है, इसलिए रुपए चाहिए। अमित जब ज्यादा बात करने लगे, तो उसने फोन कटवाकर स्विच ऑफ करवा दिया। इसके बाद बोले- अब तुम्हें अमाउंट बताऊंगा। वह तुम्हें देना ही पड़ेगा। नहीं तो तुम्हारी मां-बेटी को उठवा लूंगा। दोनों ने 30 लाख रुपए की मांग रख दी। मैंने कहा- तुम यह सब क्यूं कर रहे हो, मेरा पर्स ले लो। वह बोला कि इतने में काम नहीं होगा। वह बोला- जानता हूं कि तुम्हारी ससुराल नागपुर में है। पत्नी से डायवोर्स हुआ है। मैंने कहा कि मेरे अलावा रुपए का इंतजाम कोई नहीं कर सकता। तब वह बोला- तुम घर जाओ। घर में जितने पैसे हैं, वह लेकर गाड़ी में बैठ जाना। हमारा आदमी आएगा और उसे दे देना। बचे रुपए चार-पांच बजे तक हमारा आदमी ले जाएगा। चालाकी की, तो निपटा देंगे। ऐसा कहकर दोनों करीब एक घंटे बाद आशिमा माॅल के सामने मुझे छोड़कर उतर गए। मैं घर आया। मैंने अमित भैया को बताया। इसके बाद थाने आया।




