झूठी शिकायत में एसआई की छवि को धूमिल करने की कोशिशें होंगी ना काम सत्य आया सामने
भोपाल। राजधानी में बागेश्वर धाम कथा का आयोजन हुआ। जिसमें महाराज पीपी बागेश्वर और समिति के लोगों द्वारा एसआई विनोद पंथी का तालियों की गड़गड़ाहट से शानदार सम्मान किया गया। परंतु एक लाॅ के छात्र द्वारा बदनाम करने के लिए मानव अधिकार आयोग में झूठी शिकायत की गई। जिसमें कहा गया है कि एसआई द्वारा उसके साथ अभद्र भाषा का उपयोग किया गया। जबकि सच्चाई यह है की युवक द्वारा महाराज के पंडाल में उसने की कोशिश की जा रही थी, मौके पर ड्यूटी मे तैनात एसआई विनोद पंथी द्वारा युवक को समझाया गया और कहा गया कि पंडाल के करीब मत जाओ जिसके बाद युवक एसआई विनोद पंथी को कानून की धमकी देते हुए बोलने लगा कि में लॉ का छात्र हूं उम्र गुजर जाएगी कोर्ट के चक्कर लगाते लगाते, जिसके बाद एसआई से और समिति के लोगों से युवक बहस करने लगा। लाॅ के छात्र ने अपना नाम युगांतर नायक बताया और वह जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी में दूसरे वर्ष का छात्र है। युवक द्वारा कई देर तक बदतमीजी और हंगामे के बाद युवक को एसआई ने पुलिस वाहन में बिठाकर थाने भेजा और कुछ देर बाद उसे छोड़ दिया गया। परंतु युवक द्वारा एसआई को षडयंत्र पूर्वक झूठी शिकायत कर फसाया जा रहा है। जिसे कई बड़े मीडिया समूह द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है। जिससे एसआई की सालों तक इमानदारी से की गई ड्यूटी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्योंकि एसआई ने इमानदारी से अपना काम किया जो उन्हें बड़े अधिकारियों ने बागेश्वर धाम महाराज की सुरक्षा का दिया था उसका हर्जाना उन्हें इस तरह झूठा लांछन लगाकर दिया जा रहा है। कानून सबके लिए एक समान होता है ना कि लॉ छात्र के लिए अलग जो कानूनी हथ कंडो से एक ईमानदार पुलिसकर्मी की जीवन भर की कमाई इज्जत को ऐसे उछाल सके। ऐसे शातिर और ब्लैकमेलर को कानून की धमकी देने का और झूठी शिकायत करने का हक किसने दिया।
इनका कहना है
मैंने उस युवक को प्यार से समझाया था क्योंकि वह मेरे बेटे की उम्र का था, लेकिन वे मुझसे बदतमीजी करने लगा वहां मौके पर मौजूद समिति के लोगों द्वारा भी उसे समझाया गया परंतु उन्हें भी वह कानून की अकड़ दिखाने लगा, हंगामा बढ़ता देख मैंने उसे थाने भेज दिया। 10 मिनट बाद उसे छोड़ दिया गया लेकिन युवक द्वारा मुझसे कहा गया कि तेरी वर्दी उतारकर तेरे हाथ में दे दूंगा। जानता नहीं है मुझे। मैंने उसे बच्चा समझकर जाने दिया और उसे समझाया बेटा ऐसे बड़ों से बात नहीं करते उस समय तो भी चला गया पर अब वे मेरे खिलाफ झूठा षड्यंत्र रच के मुझे फसाने की कोशिश कर रहा है।




