भाजपा ने सोमवार को 18 और जिलाध्यक्षों के नाम घोषित कर दिए हैं। इनमें से 9 जिलाध्यक्षों को रिपीट किया गया है। वहीं, 9 नए चेहरों को मौका दिया है। सबसे चौंकाने वाला नाम शिवपुरी से जसमंत जाटव का है। जाटव 2018 में कांग्रेस से विधायक बने थे, लेकिन सिंधिया के भाजपा में आने के बाद भाजपा में शामिल हुए। 2020 में वे उपचुनाव हार गए थे। जाटव को भाजपा में आए 4 साल हुए हैं।
भाजपा के संविधान के मुताबिक, जिलाध्यक्ष बनने के लिए 6 साल तक सक्रिय सदस्य होना अनिवार्य है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश में ऐसा पहली बार है, जब किसी जिलाध्यक्ष के लिए भाजपा ने अपने संविधान को ही शिथिल किया हो।
जाटव को 4 साल में पद, नियम 6 साल का
- भोपाल शहर का नया जिलाध्यक्ष पार्षद रवींद्र यति को बनाया है। भोपाल ग्रामीण की जिम्मेदारी तीरथ सिंह मीणा को दी है।
- छतरपुर, हरदा, पन्ना रतलाम, बुरहानपुर, अशोक नगर, गुना, मऊगंज और मैहर में भाजपा ने इस बार पुराने जिलाध्यक्षों को फिर मौका दिया है।
- उज्जैन संभाग से 5 जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई है, जबकि ग्वालियर-चंबल और भोपाल संभाग से 4-4 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित किए गए हैं। अब तक 20 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित हो चुके हैं।




