उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने जीएसटी राजस्व संग्रहण बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शुक्रवार को अपने निवास कार्यालय में वाणिज्यिक कर संग्रहण, जीएसटी, आबकारी एवं पंजीयन राजस्व से संबंधित लक्ष्यों एवं निष्पादन की समीक्षा की। श्री देवड़ा ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा में प्राप्त करने के लिए समर्पित प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने लक्ष्य प्राप्ति में आने वाली बाधाओं की समीक्षा की और कहा कि व्यापारी समुदाय के सहयोग से चुनौतीपूर्ण लक्ष्यों को भी प्राप्त किया जा सकता है।
श्री जगदीश देवड़ा जी ने व्यापारियों को समय पर कर भुगतान के लाभों के बारे में नियमित रूप से समझाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि ईमानदार करदाताओं, जो पूरा और समय पर भुगतान करते हैं, को विशेष रूप से मान्यता दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि तीनों विभागों के क्षेत्रीय अधिकारी अपने निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की समय पर प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करें।
राज्य में लगभग 10,000 करदाता 90% राजस्व का योगदान करते हैं, जबकि लगभग 5.2 लाख करदाता शेष 10% का योगदान करते है । श्री देवड़ा ने कहा कि कर राजस्व संग्रह में तेज़ी लाने के लिए, व्यवसायों के साथ निरंतर परामर्श और जुड़ाव आवश्यक है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे अपना पूरा कर चुकाएँ, जिससे व्यापार वृद्धि और राज्य के विकास, दोनों में योगदान हो।
आबकारी में 11 हजार करोड़ का राजस्व आया
उप मुख्यमंत्री देवड़ा को आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने बताया कि आबकारी विभाग ने तय निर्धारित लक्ष्य 18 हजार करोड़ में माह नवम्बर तक 11 हजार करोड़ जुटा लिया है। आने वाले 4 माह में लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। पूरे प्रदेश में बैंक गारंटी के लिये ईबीजी को अनिवार्य किया गया है। ओवर रेटिंग को रोकने के लिये विशेष अभियान भी चलाए जा रहे है, जल्द ही विभागीय अधिकारियों की बैठक भी ली जाएगी। अब प्रदेश में पिछले दो वर्षों में आबकारी नीति ने नए पारदर्शी और जनहितकारी स्वरूप को हासिल किया है। परिणामस्वरूप आबकारी राजस्व में वृद्धि हुई है और विभागीय कामकाज को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। सभी सरकारी कामकाज ऑनलाइन किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजस्व अर्जन में 9.98 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
नवाचारी व्यवस्थाएं बताईं डिप्टी सीएम को
- उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने तीनों विभागों की नवाचारी व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली।
- जिसमें संपदा 2.0 एप्लिकेशन को नवाचार के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार मिला है।
- “इज ऑफ डूइंग बिजनेस” भू-प्रबंधन के क्षेत्र में भी सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि के लिए पुरस्कार दिया गया है और वर्ष 2024-25 में भारत सरकार की राज्यों को पूंजीगत व्यय के लिए दी जाने वाली विशेष सहायता योजना में नवाचारों के लिए 200 करोड़ का पूंजीगत इंसेंटिव दिया गया है।




