विदिशा जिले के शमशाबाद क्षेत्र में बुधवार को सर्पदंश से 11 वर्षीय बालक सागर किरार की मौत हो गई। ग्राम पाली निवासी बालक को सांप काटने के बाद परिवार ने तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक का सहारा लिया, जिससे इलाज में देरी हुई।
जानकारी के अनुसार, बालक को सांप ने काटा था। परिवार के सदस्य उसे नजदीकी अस्पताल ले जाने के बजाय तांत्रिक क्रियाओं और झाड़-फूंक में लगे रहे। जब बालक की हालत गंभीर हो गई, तब उसे जिला अस्पताल लाया गया।
जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर प्रशांत जैन ने बताया कि यदि सर्पदंश के तुरंत बाद बच्चे को शासकीय अस्पताल लाया जाता और एंटी-स्नेक वेनम का समय पर उपचार शुरू होता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। इलाज में हुई देरी ही बालक की मौत का मुख्य कारण बनी।
डॉक्टर जैन ने आम नागरिकों से अपील की कि सर्पदंश या किसी भी गंभीर स्थिति में झाड़-फूंक, तांत्रिक या घरेलू उपायों के बजाय तत्काल नजदीकी शासकीय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी जागरूकता और समय पर इलाज कई जिंदगियों को बचा सकता है।




