नेटफ्लिक्स ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने जा रही फिल्म घूसखोर पंडत के ट्रेलर को लेकर भोपाल में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज मध्यप्रदेश ने फिल्म के शीर्षक और संवादों को लेकर आपत्ति जताते हुए डीबी मॉल के सामने प्रदर्शन किया।
नेटफ्लिक्स ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने जा रही इस फिल्म के ट्रेलर में बोले गए डायलॉग ‘ब्राह्मण लंगोट का ढीला होता है’ को विवादित बताया। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने इस संवाद को समाज के लिए अपमानजनक बताते हुए कड़ा विरोध जताया है। संगठन का कहना है कि इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल ब्राह्मण समाज को नीचा दिखाने और उसकी छवि खराब करने का प्रयास है।
संगठन की ओर से एमपी नगर थाने को सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने जा रही फिल्म के ट्रेलर में ब्राह्मण समाज के लिए आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। संगठन ने इसे सुनियोजित तरीके से समाज की छवि धूमिल करने का प्रयास बताया है।

प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने फिल्म से जुड़े कलाकार और निर्माता के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान ‘मनोज वाजपेयी मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए गए। संगठन ने आरोप लगाया कि लगातार फिल्मों और ओटीटी कंटेंट के माध्यम से ब्राह्मण समाज को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है।
ब्राम्हाण समाज को नीचा दिखाने का प्रयास
अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्र ने मीडिया से बातचीत में कहा कि फिल्म का नाम और संवाद ब्राह्मण समाज को नीचा दिखाने वाले हैं। उनका कहना है कि समाज को लेकर इस तरह के शब्दों का प्रयोग अस्वीकार्य है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुष्पेंद्र मिश्र ने आरोप लगाया कि फिल्म के ट्रेलर में ब्राह्मण समाज को गलत तरीके से चित्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि फिल्मों को समाज का दर्पण कहा जाता है, लेकिन मनोरंजन के नाम पर किसी विशेष समाज को अपमानित करना गलत है।

संगठन का दावा है कि इस मामले को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की जा चुकी है और संबंधित कलाकारों, निर्देशक और ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ एफआईआर की मांग की जाएगी। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि फिल्म के शीर्षक और संवादों में बदलाव नहीं किया गया, तो विरोध को और व्यापक स्तर पर किया जाएगा।
जानिए कैसे है टीजर
टीचर में मनोज बाजपेयी सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के किरदार में नजर आ रहे हैं, जिन्हें दिल्ली में ‘पंडित’ के नाम से जाना जाता है। फिल्म में उन्हें भ्रष्ट पुलिस अधिकारी के रूप में दिखाया गया है। टीजर के मुताबिक दीक्षित 20 साल पहले एसआई के रूप में भर्ती हुए थे और अपने किए गए कारनामों की वजह से उन्हें बार-बार डिमोट किया गया।




