ग्वालियर | साइबर अपराधियों ने ठगी का अब तक का सबसे सनसनीखेज जाल बुनते हुए ग्वालियर के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग को अपना निशाना बनाया है। एयरफोर्स के रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट नारायण महादेव से जालसाजों ने CBI अधिकारी बनकर 2 करोड़ 52 लाख रुपये हड़प लिए। डराने वाली बात यह है कि आरोपियों ने बुजुर्ग दंपत्ति को 27 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखा और किश्तों में पूरी जमापूंजी साफ कर दी।
ऐसे बुना गया झूठ का जाल
विंडसर हिल्स निवासी महादेव के पास 28 जनवरी को एक व्हाट्सएप कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को सीबीआई अफसर बताते हुए धमकाया कि उनके आधार कार्ड से मनी लॉन्ड्रिंग जैसा बड़ा अपराध हुआ है। गिरफ्तारी का डर दिखाकर आरोपियों ने उन्हें वीडियो कॉल पर ‘निगरानी’ में ले लिया। बुजुर्ग को भरोसा दिलाया गया कि यदि वे अपना सारा पैसा जांच के लिए ‘RBI’ के खाते में ट्रांसफर कर देंगे, तो निर्दोष साबित होने पर रकम वापस मिल जाएगी।
27 दिन तक चला वसूली का खेल
खौफजदा बुजुर्ग ने 28 जनवरी से लेकर अब तक अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2,52,16,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
- बैंक ने टोका, पर डर हावी रहा: जब बुजुर्ग बड़ी रकम निकालने बैंक पहुंचे, तो प्रबंधन ने शक होने पर पूछताछ भी की। लेकिन बदमाशों के खौफ के कारण उन्होंने इसे ‘निजी जरूरत’ बताकर टाल दिया।
- खुलासा: जब 2.52 करोड़ देने के बाद भी धमकियां बंद नहीं हुईं, तब पीड़ित ने बैंक कर्मियों को आपबीती सुनाई। बैंक की सलाह पर वे सोमवार को क्राइम ब्रांच पहुंचे और मामला दर्ज कराया।
वरिष्ठ पत्रकार की कलम से: ‘सावधान रहें’
नोट: पुलिस और जांच एजेंसियां कभी भी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करतीं और न ही जांच के नाम पर पैसा ट्रांसफर करने को कहती हैं। यदि आपके पास ऐसा कोई कॉल आए, तो तुरंत फोन काटें और नजदीकी पुलिस स्टेशन या 1930 नंबर पर साइबर फ्रॉड की सूचना दें।




