भोपाल | खाड़ी देशों में बढ़ते युद्ध के तनाव और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार सतर्क हो गई है। राज्य में एलपीजी (रसोई गैस) की संभावित किल्लत को रोकने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। अब प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में दिक्कत न हो, इसके लिए होटलों, मॉल्स और फैक्ट्रियों को दी जाने वाली कमर्शियल गैस सप्लाई पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
प्रमुख निर्णय और बदलाव:
- रिफिल बुकिंग पर सीमा: अब उपभोक्ता अपने पिछले सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद ही दोबारा बुकिंग कर सकेंगे। यह नियम कालाबाजारी रोकने के लिए लागू किया गया है।
- कमर्शियल सप्लाई बंद: अस्पताल और स्कूलों को छोड़कर अन्य सभी व्यावसायिक संस्थानों (होटल, मॉल, इंडस्ट्री) को फिलहाल नए सिलेंडर नहीं दिए जाएंगे।
- मंत्रिमंडलीय समिति का गठन: डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है, जो पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता की निगरानी करेगी। इसमें मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और चैतन्य काश्यप भी शामिल हैं।
कलेक्टरों को सख्त निर्देश
खाद्य आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में गैस के स्टॉक की नियमित समीक्षा करें। प्रशासन को स्पष्ट कहा गया है कि वितरकों (डिस्ट्रीब्यूटर्स) के स्तर पर सिलेंडर की जमाखोरी या अवैध बिक्री न होने पाए। बड़े औद्योगिक संस्थानों को भी सलाह दी गई है कि वे फिलहाल ईंधन के वैकल्पिक स्रोतों का उपयोग करें।




