अवैध रिश्तों और धोखे की एक खौफनाक दास्तां सामने आई है, जहाँ एक पत्नी ने अपने ही पति की हत्या की साजिश रची। रन्हाईकला गांव में 14 अप्रैल की रात विश्राम गाठे नामक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने खुलासा किया है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी क्षमाबाई और उसके भांजे अजय बिल्लोरे द्वारा रची गई एक सोची-समझी साजिश थी।
साजिश का ‘डेथ कॉल’
14 अप्रैल की रात करीब 10.30 बजे, क्षमाबाई ने अपने प्रेमी (भांजे) अजय को फोन कर सूचना दी कि उसका पति खेत की रखवाली के लिए घर से निकल चुका है। यह फोन कॉल मौत का संकेत था। अजय अपने साथी सचिन के साथ पहले से ही घात लगाकर बैठा था। जैसे ही विश्राम खलिहान के पास पहुँचा, दोनों आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया और हथौड़े से सिर कुचलकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
हादसे की झूठी कहानी का पर्दाफाश
अगली सुबह, हत्या को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। परिजनों को बताया गया कि विश्राम का एक्सीडेंट हो गया है। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोटों के निशान देख डॉक्टरों को शक हुआ। पुलिस की जांच और कॉल डिटेल्स ने परत-दर-परत सच्चाई सामने ला दी।
6 साल से चल रहा था अफेयर
पुलिस पूछताछ में पता चला कि अजय का अपनी ही मामी क्षमाबाई के साथ 6 साल से अवैध संबंध था। विश्राम को इस रिश्ते की भनक लग गई थी, जिससे घर में रोज झगड़े होते थे। इसी विवाद को खत्म करने के लिए पत्नी ने भांजे के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने का फैसला किया।
“मैं अब आजाद हूँ”
गिरफ्तारी के बाद मृतक की पत्नी ने बेखौफ होकर कहा कि उसे अपने पति की मौत का कोई अफसोस नहीं है। वह अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती थी, इसलिए उसने यह कदम उठाया।
पुलिस कार्रवाई:
थाना प्रभारी रोशनलाल भारती ने बताया कि मुख्य आरोपी अजय बिल्लोरे, सचिन निषोद और मृतक की पत्नी क्षमाबाई को गिरफ्तार कर लिया गया है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।




