भोपाल। राजधानी के सूखीसेवनिया क्षेत्र में हुई गौवंश वध की घृणित घटना को सुलझाते हुए भोपाल (देहात) पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक रामशरण प्रजापति ने इस सफलता पर टीम के लिए 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
क्या था मामला?
बीती 26 अप्रैल को मुगलिया कोट निवासी कालूराम मीणा की दो गायें खेत से गायब हो गई थीं। तलाश करने पर पास के ही एक खेत में खून के निशान और अवशेष मिले थे। पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए अज्ञात बदमाशों के खिलाफ बीएनएस की धारा 325 और गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
SIT ने ऐसे दबोचा आरोपियों को
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एएसपी डॉ. नीरज चौरसिया और एसडीओपी अंतिमा समाधिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम (SIT) बनाई गई। टीम ने करीब 100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिरों को सक्रिय किया।
- घेराबंदी: सटीक सूचना पर पुलिस ने सईदिया स्कूल (सेंट्रल लाइब्रेरी) के पास घेराबंदी कर माज उर्फ भूरा और अमन कुरैशी को दबोच लिया।
- कबूलनामा: पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने साथी अरशान और अरसलान के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया और मांस को शाहरुख व जीबरान को बेच दिया।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल होंडा सिटी कार, दो बुगदा (छुरे) और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। थाना प्रभारी रामबाबू चौधरी और उनकी टीम अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है। इस कार्यवाही में साइबर सेल के आरक्षकों की भी अहम भूमिका रही।




