भोपाल। मध्यप्रदेश में कल (ईद-उल-अजहा) बकरीद का त्योहार पारंपरिक अकीदत और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने प्रदेशभर की मस्जिदों, ईदगाहों और वक्फ समितियों के लिए एक विशेष गाइडलाइन जारी की है।
सीनियर जर्नलिस्ट की नजर से देखें तो इस बार बोर्ड का पूरा जोर कानून-व्यवस्था, स्वच्छता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने पर है।
गाइडलाइन की मुख्य बातें:
- सड़कों पर नमाज नहीं: वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि ईद की नमाज सड़कों या सार्वजनिक रास्तों पर न पढ़ी जाए। नमाज केवल तय मस्जिदों और ईदगाहों के अंदर ही अदा की जाए, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
- सोशल मीडिया पर वीडियो डालने पर रोक: बोर्ड ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कुर्बानी केवल निर्धारित स्थानों पर ही की जाए। इसके साथ ही कुर्बानी के फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट या वायरल न किए जाएं, क्योंकि इससे समाज में अनावश्यक तनाव या विवाद पैदा हो सकता है।
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान: कुर्बानी के बाद अवशेषों और अपशिष्ट का सही तरीके से निपटान करने को कहा गया है। सभी प्रबंध समितियों (मुतवल्लियों) को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय प्रशासन के स्वच्छता नियमों का सख्ती से पालन कराएं।
भोपाल में ‘इको फ्रेंडली ईद’ की अनूठी अपील
राजधानी भोपाल में भाईचारे और पर्यावरण संरक्षण की एक अच्छी मिसाल देखने को मिली है। यहाँ श्री हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने भी मुस्लिम समाज से ‘इको फ्रेंडली’ तरीके से ईद मनाने की अपील की है। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि त्योहार के दौरान पर्यावरण और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए, जिससे शहर का माहौल साफ-सुथरा और शांतिपूर्ण बना रहे।
प्रशासन ने भी किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और भीड़ नियंत्रण के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं।




