प्रदेश की प्रशासनिक सुस्ती और बिगड़ती कानून व्यवस्था पर मुख्य सचिव (सीएस) अनुराग जैन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। बुधवार को आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब गुजरे जमाने के ढर्रे पर काम नहीं चलेगा। जनसुनवाई में आत्मदाह की कोशिशों और अवैध खनन माफिया के हौसलों पर गहरी नाराजगी जताते हुए सीएस ने कलेक्टर्स और एसपी को सीधी जवाबदेही तय करने की चेतावनी दी है।
कड़े फैसले: माफिया पर नकेल, गाड़ियां होंगी राजसात
बैठक में प्रशासन को अपराधियों और माफियाओं पर खौफ पैदा करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा:
- सीधे नीलामी: अवैध परिवहन में लगी या बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों को सिर्फ जब्त नहीं, बल्कि राजसात कर तुरंत नीलाम किया जाए।
- फाइलें दोबारा खुलेंगी: पुराने खनन माफियाओं की फाइलें खोलकर उन्हें जल्द से जल्द सजा दिलाने के प्रयास हों।
- अफसरों की ‘क्लास’: जमीनों के मामलों में लापरवाही पर भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और प्रदूषण-पेयजल संकट पर ध्यान न देने पर सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल को जमकर फटकार लगाई गई।
ड्रग फ्री जोन और कानून व्यवस्था पर जोर
डीजीपी कैलाश मकवाना ने पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास फैले ड्रग्स के जाल को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर ‘ड्रग फ्री जोन’ बनाया जाए। पोक्सो एक्ट, विस्फोटक अधिनियम का उल्लंघन करने वालों और हुड़दंगियों से सख्ती से निपटा जाए।
जनता से संवेदनहीनता पड़ी तो गिरेगी गाज
सीएस ने दो टूक कहा कि सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी और जनसुनवाई में आम जनता के प्रति संवेदनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा, जिलों में 104 सरकारी हैंडपंपों पर दबंगों के कब्जे को तुरंत हटाने, नरवाई जलाने पर सख्ती करने और खरीफ सीजन में खाद वितरण के लिए टोकन व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।



