भोपाल।
राजधानी भोपाल की अरेरा हिल्स पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो ट्रैवल्स एजेंसियों और आम लोगों से किराये पर गाड़ियां लेकर उन्हें धोखे से बेच देता था। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से करीब 3 करोड़ रुपये कीमत की 20 कारें बरामद की गई हैं।
ऐसे करते थे धोखाधड़ी
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी शैलेश जोशी अपने साथी विश्वजीत के साथ मिलकर लोगों को अच्छा मुनाफा कमाने का झांसा देता था। वे लोगों से कहते थे कि उनकी गाड़ियों को ट्रैवल्स में किराये पर चलवाएंगे। विश्वास में आकर जब लोग अपनी गाड़ियां इन्हें सौंप देते, तो ये ठग फर्जी एग्रीमेंट बनाकर उन गाड़ियों को अपना बताकर दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में भोले-भाले लोगों को बेच देते थे। कई गाड़ियां तो बिना किसी कागजी लिखा-पढ़ी के ही बेच दी गईं।
एक शिकायत से खुला पूरा राज
इस बड़े फर्जीवाड़े की परतें तब खुलनी शुरू हुईं, जब गौरव कुशवाह नामक एक युवक ने 13 जून को थाने में शिकायत दर्ज कराई। गौरव ने बताया कि शैलेश जोशी उसकी कार ले गया और बिना अनुमति के बेईमानी से उसे आगे बेच दिया। पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तुरंत एक टीम का गठन किया और एक्शन लेते हुए शैलेश को अयोध्या बायपास इलाके से धर दबोचा। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और अपने अन्य साथियों के नाम भी उगल दिए।
सीहोर से जुड़े हैं गिरोह के तार
पुलिस ने शैलेश की निशानदेही पर सीहोर जिले से उसके 5 अन्य साथियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह ने 15 से 20 अन्य गाड़ियां भी इसी तरह बेची हैं, जिनकी बरामदगी के लिए पुलिस की टीमें काम कर रही हैं।
गिरफ्तार आरोपी:
- शैलेश जोशी (मुख्य आरोपी, अयोध्या बायपास, भोपाल)
- वहीद अली (सीहोर)
- जयेन्द्र जोशी उर्फ किट्टू (सीहोर)
- अरुण नाथ (सीहोर)
- राजा मीणा (सीहोर)
- रोहन खान (सीहोर)
फरार आरोपी की तलाश जारी: पुलिस ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क में शामिल एक अन्य मुख्य आरोपी विश्वजीत गौर और कुछ अन्य लोग फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।









