जबलपुर। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस गरिमामयी आयोजन में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हजारों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया।
कार्यक्रम के दौरान, कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम से वर्चुअल माध्यम से जुड़े प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ।
योग केवल अभ्यास नहीं, जीवन दर्शन:
अपने संबोधन में राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि भारत ने विश्व को योग के रूप में केवल एक शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सुखी जीवन का एक संपूर्ण दर्शन दिया है। उन्होंने योग को भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि यह शरीर को स्वास्थ्य, मन को शांति और आत्मा को ऊर्जा प्रदान करता है।
योग को जीवनशैली बनाएं:
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों और नागरिकों ने योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखकर इसे अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। संदेश दिया गया कि योग को अपनाकर ही हम स्वस्थ, समर्थ और विकसित भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दे सकते हैं।



















