इंदौर। शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक, सत्यसाईं चौराहा अब सुविधा के बजाय वाहन चालकों के लिए ‘खतरे का केंद्र’ बन गया है। 62 करोड़ की लागत से बन रहे 6-लेन फ्लायओवर का काम तय समय सीमा (मार्च 2026) बीतने के बाद भी महज 40% ही पूरा हो पाया है। निर्माण में देरी और एजेंसी की लापरवाही ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
गड्ढों में तब्दील सड़कें, फिसलन से बढ़ी दुर्घटनाएं
बारिश शुरू होते ही निर्माण कार्य के कारण मलबे और कीचड़ ने सड़कों को बदहाल कर दिया है। देवास नाका से विजयनगर और एबी रोड से बसंत विहार मार्ग पर 15-20 फीट लंबे और दो फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं। पानी भरने से इन गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना नामुमकिन है, जिससे आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सड़क पर बिखरी गिट्टी और धंसे हुए चैंबर किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे रहे हैं।
अधिकारियों के दावे, जमीनी हकीकत पर फेल
एमपीआरडीसी (MPRDC) ने अप्रैल में ही सर्विस रोड को दुरुस्त करने और बैरिकेड्स हटाने का दावा किया था, लेकिन हकीकत दावों से कोसों दूर है। गर्डर लॉन्चिंग पूरी होने के बावजूद सर्विस रोड के बड़े हिस्से को बेवजह घेरे रखा गया है, जिससे संकरे रास्ते पर घंटों जाम लग रहा है। दुकानदारों द्वारा सड़क किनारे अवैध पार्किंग भी समस्या को और गंभीर बना रही है।
60% काम बाकी, कब मिलेगी राहत?
15 मार्च 2024 को शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अब कछुआ चाल से चल रहा है। 60% काम अभी भी बाकी है, जिसे देखकर शहरवासियों को अब प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन तत्काल निर्माण एजेंसी पर सख्त कार्रवाई करे और बारिश खत्म होने तक अस्थायी रूप से सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित करे ताकि आम जनता को राहत मिल सके।




