भोपाल शहर में इन दिनों दो तरह का नशा सिर चढ़कर बोल रहा है। एक नशा है इंस्टाग्राम रीलों का, जो हमारी खाकी वर्दी पर छाया हुआ है, और दूसरा है असली वाला नशा, जो शहर के गली-मोहल्लों में तस्कर बेखौफ बांट रहे हैं। पुलिस का महकमा आजकल ‘सिंघम’ वाले बैकग्राउंड म्यूजिक पर स्लो-मोशन वॉक करने में इतना बिजी है कि उन्हें भनक ही नहीं लगी कि उनके सेट के पीछे ही कोई क्राइम थ्रिलर शूट कर रहा है!
मीडिया ने लगाया हकीकत का हेवी डोज़ इंजेक्शन
हुआ यूं कि जब हमारे रील वाले साहब लोग कैमरे का एंगल सेट कर रहे थे, तब ‘न्यूज क्राइम फाइल’ वालों ने इतवारा में खुलेआम बिकते गांजे का लाइव टेलीकास्ट कर दिया। सच मानिए, मीडिया का दिखाया हुआ यह आइना साहब को ऐसा लगा, जैसे किसी ने बिना बताए कोई ‘हैवी डोज़ का इंजेक्शन’ ठोक दिया हो!
रातों-रात बजा चेकिंग का सायरन
इंजेक्शन का असर देखिए! जो पुलिसवाले दिन में भोपाल पुलिस सबसे बेस्ट का फिल्टर लगाकर वीडियो बना रहे थे, वो रातों-रात पुराने भोपाल की सड़कों पर असली वाली टार्च लेकर चेकिंग अभियान में उतर पड़े। शहर वाले भी आंखें मलते हुए सोच रहे थे— अरे ये क्या हो गया ? आज कैमरे के बिना ही एक्शन हो रहा है।
रील वाले एसीपी साहब का उड़ गया फिल्टर
इस पूरे एपिसोड में सबसे ज्यादा टेंशन में हमारे नए-नवेले रील वाले एसीपी साहब’ हैं। कल तक जो साहब सोशल मीडिया पर भोपाल पुलिस की तारीफों की ऐसी झड़ी लगा रहे थे कि मानो भोपाल में रामराज्य का नया अपडेट आ गया हो, आज उनकी बेचैनी गली के नुक्कड़ों तक चर्चा का विषय बनी हुई है। कानाफूसी है कि गांजे वाले खुलासे के बाद से साहब के चेहरे का स्माइल वाला फिल्टर एकदम से उड़ गया है।
हुजूर, लाइक, शेयर और सब्सक्राइब तो हम कर देंगे, लेकिन पहले ये बताइए कि गली का गांजा कौन साफ करेगा?



