भोपाल:
एग्रीगेटर कंपनियों (ओला, उबर, रैपिडो) की मनमानी और किराया नीति के खिलाफ राजधानी के टैक्सी चालकों का विरोध अब उग्र हो गया है। शनिवार को चिनार पार्क में हुई बैठक में टैक्सी संगठनों ने बड़े आंदोलन का ऐलान किया है।
प्रमुख बिंदु और आंदोलन का कार्यक्रम:
- 15 अगस्त को रैली: बोट क्लब से लालघाटी तक शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से विशाल तिरंगा रैली निकाली जाएगी।
- प्रदेश स्तरीय आंदोलन: 18 से 20 अगस्त के बीच भोपाल में प्रदेशभर के ड्राइवर जुटेंगे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। अंतिम तारीख का ऐलान जल्द किया जाएगा।
- अल्टीमेटम: कार्यवाहक अध्यक्ष श्रवण कुमार शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि 18 अगस्त से पहले मांगें नहीं मानी गईं, तो ड्राइवर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
टैक्सी संघ की मुख्य मांगें:
- स्थाई किराया नीति: सरकार टैक्सियों के लिए नई गाइडलाइन बनाए, जिसमें प्रत्येक राइड पर 50 से 60 रुपए बेस फेयर तय हो।
- टाइम चार्ज और दूरी का किराया: यात्रा अवधि के लिए 1 से 1.50 रुपए प्रति मिनट टाइम चार्ज और गाड़ी की श्रेणी के अनुसार 22 से 30 रुपए प्रति किलोमीटर की दर लागू की जाए।
- अवैध वाहनों पर रोक: निजी नंबरों से चल रहे वाहनों और अवैध बाइक टैक्सियों के व्यावसायिक संचालन पर तुरंत रोक लगाई जाए।
- पुराना मॉडल बहाल हो: केवल प्रतिशत बढ़ाने के बजाय 2014 की तरह बेस फेयर, टाइम चार्ज और प्रति किलोमीटर का पूरा ढांचा फिर से शुरू किया जाए।
ड्राइवरों का कहना है कि महंगाई और बढ़ते खर्चों के बीच मौजूदा किराए में गाड़ी चलाना और परिवार का गुजर-बसर करना असंभव हो गया है।




