भोपाल:
राजधानी के एमपी नगर इलाके में 13 वर्षीय स्कूली छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला गहराता जा रहा है। स्कूल के लिए निकली बच्ची का शव दो दिन बाद घर के पास ही एक सरकारी क्वार्टर के स्टोर रूम से मिलने से सनसनी फैल गई है। परिजन ने इसे आत्महत्या मानने से इंकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है।
मामले से जुड़े अहम पहलू और सवाल:
- शरीर पर चोट के निशान: परिजनों का आरोप है कि बच्ची के हाथ की नस कटी हुई थी और पैरों व शरीर पर चोट के कई निशान थे।
- अंग्रेजी का नोट: घटनास्थल से अंग्रेजी में लिखा एक नोट मिला है। परिजनों का दावा है कि मृतका को अंग्रेजी नहीं आती थी, जिससे नोट की लिखावट और उसकी सत्यता पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब हैंडराइटिंग का मिलान करवा रही है।
- फिरौती के आरोप: परिवार का यह भी आरोप है कि घटना से पहले अज्ञात नंबरों से फोन कर पैसों की मांग की गई थी और रकम न मिलने पर हत्या की धमकी दी गई थी।
- बंद कमरे का रहस्य: बच्ची का शव जिस सरकारी क्वार्टर के स्टोर रूम में मिला, उसके बाहर ताला लगा हुआ था। परिजन पूछ रहे हैं कि यदि कमरा बंद था, तो बच्ची वहां कैसे पहुँची।
पुलिस का रुख:
एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक, पुलिस हर एंगल से मामले की बारीकी से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। इसके अलावा कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध नंबरों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।




