भोपाल:
राजधानी के जहांगीराबाद थाने में अधिवक्ता राकेश रावल के साथ मारपीट और बदसलूकी के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। डीसीपी जोन-1 ने जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप को निलंबित कर दिया है। तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबन अवधि के दौरान रिजर्व सेंटर से संबद्ध किया गया है और मामले की प्राथमिक जांच सात दिन के भीतर पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
विवाद की शुरुआत मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे हुई जब अधिवक्ता राकेश रावल कोर्ट का काम खत्म कर बैरागढ़ लौट रहे थे। कंट्रोल रूम तिराहे पर रास्ता बंद होने के कारण वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। रावल द्वारा वैकल्पिक रास्ता पूछने पर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने रास्ता बताने से इनकार कर दिया और कहा कि वे रास्ता बताने के लिए खड़े नहीं हैं। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई, जिसके बाद पुलिसकर्मी अधिवक्ता को जहांगीराबाद थाने ले गए।
अधिवक्ता राकेश रावल का गंभीर आरोप है कि थाने के भीतर उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में वकील जहांगीराबाद थाने पहुंच गए और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। वकीलों का कहना है कि केवल निलंबन से बात नहीं बनेगी, बल्कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
दूसरी ओर, थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार का पक्ष है कि विवाद के दौरान अधिवक्ता ने ट्रैफिक एसीपी अजय बाजपेई के साथ सरेराह बदसलूकी की और समझाइश के बाद भी उन्हें अपशब्द कहे। पुलिस के पास इस पूरी घटनाक्रम का वीडियो भी मौजूद है। अब प्राथमिक जांच में थाने की कार्रवाई, वकीलों के आरोपों और पूरे घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।




