इंदौर:
राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में सरकारी लोन दिलाने का झांसा देकर एक सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) सब-इंस्पेक्टर से 40 लाख रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। शातिर आरोपी ने पीड़ित के बेटे के व्यापार के लिए लोन पास कराने का भरोसा देकर अलग-अलग किस्तों में यह रकम ऐंठ ली। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
ऐसे दिया झांसा
राजेंद्र नगर पुलिस के अनुसार, वीआईपी नगर निवासी 72 वर्षीय गोविंद सिंह तंवर पुलिस विभाग से सब-इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हैं। करीब 8 साल पहले उनकी पहचान सरताज अहमद नामक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने खुद को सरकारी लोन दिलाने वाला एजेंट बताया था।
अप्रैल 2018 में जब गोविंद सिंह के बेटे को अपने व्यापार के लिए पैसों की जरूरत पड़ी, तो उन्होंने सरताज से संपर्क किया। आरोपी ने उनके और उनके बेटे के नाम पर 50-50 लाख रुपए के दो सरकारी लोन पास कराने का झांसा दिया।
प्रोसेसिंग के नाम पर ऐंठे रुपए
- आरोपी सरताज ने लोन प्रक्रिया और प्रोसेसिंग के नाम पर पीड़ित से सभी जरूरी दस्तावेज ले लिए।
- इसके बाद उसने अलग-अलग बहानों से किस्तों में कुल 40 लाख रुपए अपने पास जमा करवा लिए।
- काफी समय बीतने के बाद भी जब लोन पास नहीं हुआ, तो पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे। इस पर आरोपी ने कोरोना काल और मंदी का बहाना बनाकर मामला टाल दिया।
फोन बंद कर छिप गया आरोपी
हालात सामान्य होने के बाद भी जब आरोपी केवल झूठे आश्वासन देता रहा और बाद में फोन उठाना बंद कर दिया, तब पीड़ित ने उसकी तलाश शुरू की। सफलता न मिलने पर उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई। जांच में मामला सही पाए जाने पर राजेंद्र नगर पुलिस ने आरोपी सरताज अहमद के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।




