राजधानी भोपाल के डिपो चौराहा स्थित आदिवासी हॉस्टल में गुरुवार तड़के चार महीने की गर्भवती 23 वर्षीय प्रियंका अहिरवार की संदिग्थ परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है, लेकिन मृतका के गले और पीठ पर चोट के निशान मिलने से मामला संदिग्ध बना हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया है।
घटना से जुड़े मुख्य बिंदु
- समय और स्थान: यह घटना गुरुवार सुबह करीब 4 बजे की है। मृतका अपने पति विष्णु अहिरवार के साथ हॉस्टल में रहती थी, जो कि वहां केयरटेकर के रूप में कार्यरत है।
- सुसाइड नोट नहीं मिला: मौके से पुलिस को कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने हॉस्टल पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और हमीदिया अस्पताल में पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है।
- लव मैरिज और प्रताड़ना के आरोप: मृतका के पिता गजराज सिंह (निवासी विदिशा) ने बताया कि प्रियंका ने करीब 3 साल पहले विष्णु से लव मैरिज की थी। पिता का आरोप है कि प्रियंका फोन पर अक्सर पति द्वारा शराब पीकर मारपीट करने की शिकायत करती थी।
- सूचना छिपाने का आरोप: पिता का यह भी कहना है कि उन्हें बेटी की मौत की जानकारी पति या ससुराल पक्ष ने नहीं दी, बल्कि हॉस्टल के पास रहने वाले एक परिचित ने फोन कर इसकी सूचना दी।
पुलिस जांच जारी
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर मामला फांसी लगाकर आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन शरीर पर मिले चोट के निशानों को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। मृतका के परिजनों के विस्तृत बयान दर्ज किए जा रहे हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह साफ हो सकेगी।



