खंडवा:
जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग किस तरह अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हैं, इसका एक ताजा मामला खंडवा जिले से सामने आया है। यहां ग्राम पंचायत नाहल्दा के सचिव को इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है। आरोपी सचिव ने एक निजी स्कूल का दो साल का प्रॉपर्टी टैक्स कम करने के एवज में कुल 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त टीम ने शुक्रवार को खंडवा के मेडिकल चौराहे के पास कार्रवाई करते हुए आरोपी कृष्ण देव पटेल को गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
ग्राम नाहल्दा निवासी लक्ष्मण सिंह चौहान के बेटे द्वारा क्षेत्र में एक निजी स्कूल का संचालन किया जाता है। स्कूल का दो साल का कुल प्रॉपर्टी टैक्स लगभग 2 लाख 20 हजार रुपए बना था। इसी भारी-भरकम टैक्स की राशि को कम करने और दस्तावेजों में फेरबदल करने के लिए ग्राम पंचायत सचिव कृष्ण देव पटेल ने स्कूल संचालक से 50 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। प्रताड़ित होकर स्कूल संचालक लक्ष्मण सिंह चौहान ने 5 अक्टूबर को इंदौर लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देशन में टीम ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें सचिव द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि पूरी तरह सही पाई गई।
योजना के मुताबिक, शुक्रवार को इंदौर लोकायुक्त की एक विशेष टीम खंडवा पहुंची। मेडिकल चौराहे के पास स्थित एक चाय की दुकान पर शिकायतकर्ता और सचिव के बीच पैसे के लेन-देन की बात तय हुई थी। जैसे ही सचिव कृष्ण देव पटेल ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 25 हजार रुपए हाथ में लिए, वैसे ही आसपास सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे दबोच लिया। टीम ने उसके पास से रिश्वत के रुपए भी बरामद कर लिए हैं।
यह पूरी सफल कार्रवाई इंदौर लोकायुक्त की निरीक्षक प्रतिभा तोमर के नेतृत्व में अंजाम दी गई, जिसमें टीम के अन्य सदस्य भी शामिल रहे। लोकायुक्त संगठन ने एक बार फिर आम जनता से अपील की है कि यदि प्रदेश में कोई भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी भी कार्य के बदले अवैध रूप से रिश्वत की मांग करता है, तो बिना डरे इंदौर लोकायुक्त पुलिस कार्यालय में संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं।



