इंदौर:
शहर में बसों की बॉडी बनाने वाले एक गैरेज संचालक पर 18 से अधिक बस संचालकों के साथ 2 करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी ने काम पूरा किए बिना ही एडवांस रकम हड़प ली और फरार हो गया।
विजय नगर पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर आरोपी मोहित उर्फ मन्नू (निवासी सत्यनारायण दीक्षित) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
मुख्य बातें:
- एमबी बस गैरेज का मामला: आरोपी ‘एमबी बस’ के नाम से बसों की बॉडी बिल्डिंग, सीट कवर, एसी और इंटीरियर कस्टमाइजेशन का काम करता था।
- भरोसे का फायदा: लंबे समय से व्यावसायिक संबंध होने के कारण बस मालिकों ने उस पर विश्वास किया और काम के लिए मोटी रकम एडवांस में दे दी।
- अधूरा काम और गायब गैरेज: एडवांस लेने के बाद आरोपी ने काम अधूरा छोड़ दिया। कई मामलों में उसने सप्लायरों और कारीगरों का भुगतान भी नहीं किया। जब पीड़ित उसके गैरेज और ठिकानों पर पहुंचे, तो वह फरार मिला।
डीसीपी के पास पहुंचे पीड़ित
फरियादी राजा दिव्यांशु बर्मन, प्रथम गुप्ता, सूरज भारद्वाज, शमशेर सिंह और अन्य बस मालिकों ने संयुक्त रूप से जनसुनवाई में डीसीपी को लिखित शिकायत दी थी। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।




