भोपाल:
सेंट्रल जीएसटी (CGST) के प्रिवेंटिव विंग में रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सीबीआई (CBI) द्वारा 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए सुपरिंटेंडेंट राजेश कुमार गुप्ता के भोपाल और कानपुर स्थित ठिकानों पर हुई छापेमारी में 72 लाख 50 हजार रुपये नकद और कई अचल संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए हैं।
मुख्य बिंदु:
- दो दिन की रिमांड: विशेष अदालत ने आरोपी अधिकारी को दो दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
- बड़ी मात्रा में कैश: रविवार देर रात तक चली तलाशी में दोनों आवासीय ठिकानों से भारी मात्रा में नकदी और संपत्ति के कागजात मिले हैं।
- आय से अधिक संपत्ति का शक: क्लास-2 स्तर के अधिकारी के पास से इतनी बड़ी रकम मिलने पर सीबीआई जल्द ही आय से अधिक संपत्ति (DA) का मामला दर्ज कर सकती है।
- अन्य अफसरों की संलिप्तता की जांच: एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि 15 सितंबर को वसूले गए 11 लाख रुपये में क्या विभाग के अन्य अधिकारियों की भी हिस्सेदारी थी।
विभाग की ओर से आरोपी सुपरिंटेंडेंट को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है, और अब विभागीय जांच के साथ-साथ सीबीआई की पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।




